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‘बिहारवासी अब इन बहकावों में नहीं फंसेंगे’, तेजस्वी यादव का अमित शाह पर पलटवार

नेशनल डेस्क: राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की बिहार के विकास को लेकर की गई टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शाह पर आरोप लगाया कि वे बिहार के औद्योगिक विकास को लेकर खोखले वादे कर रहे हैं और जनता को “बहकाने” की कोशिश कर रहे हैं।

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तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें अमित शाह कहते नजर आ रहे हैं कि बिहार में ”जमीन की कमी” होने के कारण बड़े उद्योग स्थापित करना मुश्किल है। अमित शाह ने कहा कि सरकार बिहार को AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) और सॉफ्टवेयर उद्योग का केंद्र बनाना चाहती है ताकि कम जमीन में भी रोजगार और विकास हो सके।

 

बिहारी अब इन झांसों में नहीं आएंगे

इस वीडियो पर तेजस्वी यादव ने लिखा, “बिहार में 20 साल सरकार चलाने के बाद भी गृह मंत्री बहाने बना रहे हैं। कह रहे हैं कि कारखाना गुजरात में लगेगा, लेकिन मज़दूर बिहार से होंगे। बिहारी अब इन झांसों में नहीं आएंगे।” तेजस्वी ने यह भी कहा कि भाजपा ने लंबे समय तक बिहार में सत्ता में रहते हुए भी राज्य को रोजगार और उद्योग नहीं दिया, और अब फिर से चुनाव से पहले “विकास के सपने” दिखा रही है।

इससे पहले, अमित शाह ने पटना में एक बुद्धिजीवी सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि बिहार में ”बिहार 3.0” का दौर शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा, ”बिहार में जमीन की कमी है, लेकिन यहां के युवाओं में दुनिया की सबसे ज्यादा बुद्धिमत्ता है। इसलिए हम ऐसे उद्योगों पर ध्यान दे रहे हैं जिनमें दिमागी मेहनत ज्यादा और जमीन की जरूरत कम हो।”

लालू यादव शासनकाल को “जंगल राज” बताया

अमित शाह ने इस दौरान राजद प्रमुख लालू यादव और उनके शासनकाल को “जंगल राज” बताया। उन्होंने कहा कि लालू-राबड़ी शासन ने बिहार को “आधी सदी पीछे धकेल दिया” और राज्य की गरिमा व उत्कृष्टता खत्म कर दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आजादी के बाद बिहार में जो उद्योग स्थापित हुए थे, वे “लालू राज” के दौरान खत्म हो गए। शाह ने कहा, “वही जंगल राज अब नए चेहरों के साथ फिर वोट मांगने आया है।”

इस राजनीतिक बयानबाज़ी के बीच राजद ने सोमवार को अपनी 143 उम्मीदवारों की सूची जारी की। इससे महागठबंधन में सीट बंटवारे का मामला तय हो गया है, राजद: 143 सीटें, कांग्रेस: 61 सीटें, भाकपा (माले): 20 सीटें और वीआईपी पार्टी (मुकेश सहनी): शेष सीटों पर संभावना। वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के चुनाव से हटने से गठबंधन को झटका लगा है। बिहार विधानसभा चुनाव दो चरणों में 6 नवंबर और 11 नवंबर को होंगे, जबकि मतगणना 14 नवंबर को की जाएगी।

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