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संभल में ही भगवान विष्णु का दसवां अवतार होगा… CM योगी का विपक्ष पर पलटवार

UP Budget 2025

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UP Winter Session :  उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 16 दिसंबर से शुरू हो गया है और यह 20 दिसंबर तक चलेगा। इस बार शीतकालीन सत्र में खासकर संभल का मुद्दा गरमा सकता है, जहां हाल ही में 46 साल पुराने शिव मंदिर का पता चला था। शीतकालीन सत्र के पहले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान साफ तौर पर सियासी रंग में बदलने के संकेत दे रहा है। संभल में शिव मंदिर और धर्म को लेकर विवाद में योगी ने विपक्ष को घेरते हुए हिंदुओं की सुरक्षा और शांति की बात की। उन्होंने कहा कि संभल में भगवान विष्णु के दसवें अवतार का स्थान होगा।

संभल में भड़काऊ तकरीरें माहौल खराब कर रही हैं

संबल में शिव मंदिर के मिलने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह इलाका धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने विधानसभा में यह भी कहा कि संभल में भगवान विष्णु के दसवें अवतार का स्थान होगा। योगी ने कहा कि संभल में भड़काऊ तकरीरों की वजह से माहौल खराब हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि कोर्ट के आदेश पर संभल में सर्वे किया जा रहा था और डीएम व एसपी ने शांति से इस सर्वे को अंजाम दिया।

‘एक भी पत्थरबाज नहीं बचेगा’…

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि, “हम यहां की शांति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं और यहां का एक भी पत्थरबाज नहीं बचेगा।” उनका यह बयान हाल ही में संभल में हुए घटनाक्रमों को लेकर था, जहां कुछ लोगों ने शिव मंदिर को लेकर विवाद पैदा किया था। योगी ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी को भी शांति को भंग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

‘हिंदुओं की हत्याओं पर विपक्ष क्यों चुप है?’

सीएम योगी ने संभल में हिंदू समुदाय के खिलाफ हुए हमलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि संभल में 184 हिंदुओं को जलाया गया था और इसके बावजूद विपक्ष ने कभी इस पर आवाज नहीं उठाई। योगी ने सवाल किया कि “हिंदुओं की हत्याओं पर विपक्ष क्यों चुप है?” इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जब सच सामने आया, तो विपक्ष सफाचट हो गया।

22 हिंदू कुएं बंद करने का आरोप

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल किया कि, “संभल में हिंदुओं के 22 कुएं किसने बंद किए?” उनका यह सवाल उस समय उठाया गया जब इलाके में धार्मिक स्थानों और संसाधनों के बंद होने का मुद्दा गरमाया। योगी आदित्यनाथ ने मोहर्रम के दौरान के घटनाक्रम पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “मोहर्रम का जुलूस हिंदू मोहल्ले से सही तरीके से निकलता है, लेकिन जब हिंदुओं का जुलूस मस्जिद के पास आता है, तो तनाव पैदा होता है।” मुख्यमंत्री ने यह कहा कि हम न तो बांटेंगे, न ही कटेंगे। उनका इशारा समाजवादी पार्टी (सपा) की ‘बांटने की नीति’ की ओर था।

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