नई दिल्ली: केंद्रीय बजट 2026-27 को पेश करने की तैयारियां अब अपने आखिरी चरण में पहुंच गई हैं। बजट से पहले निभाई जाने वाली पारंपरिक ‘हलवा सेरेमनी’ का आयोजन आज यानी 27 जनवरी 2026 को वित्त मंत्रालय में किया गया। इस रस्म के साथ ही बजट की उलटी गिनती औपचारिक रूप से शुरू हो गई है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस में कड़ाही में हलवा बनाकर इस परंपरा को पूरा किया। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। वित्त मंत्री ने बजट तैयार करने में जुटी पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं और तैयारियों की समीक्षा की।
क्या है हलवा सेरेमनी और लॉक-इन प्रक्रिया?
हलवा सेरेमनी का बजट प्रक्रिया में खास महत्व होता है। इस कार्यक्रम के बाद बजट बनाने से जुड़े अधिकारी ‘लॉक-इन’ हो जाते हैं। लॉक-इन का मतलब है कि ये अधिकारी बजट पेश होने तक नॉर्थ ब्लॉक के भीतर ही रहेंगे और किसी भी तरह का बाहरी संपर्क नहीं रख पाएंगे। इसका उद्देश्य बजट से जुड़ी जानकारियों को पूरी तरह गोपनीय बनाए रखना होता है।
डिजिटल और पेपरलेस रहेगा बजट
सरकार इस बार भी बजट को पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस रखने जा रही है। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यूनियन बजट मोबाइल ऐप के जरिए सांसद और आम लोग बजट से जुड़े सभी दस्तावेज आसानी से देख सकेंगे।
कब मिलेगा बजट?
1 फरवरी 2026 को संसद में वित्त मंत्री का बजट भाषण खत्म होते ही।
कहां उपलब्ध होगा?
मोबाइल ऐप और वित्त मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर।
क्या-क्या होगा शामिल?
वार्षिक वित्तीय विवरण, अनुदान की मांगें और वित्त विधेयक।
1 फरवरी को पेश होगा बजट
केंद्रीय बजट 2026-27 को 1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किया जाएगा। इस बजट को लेकर देशभर की नजरें टिकी हुई हैं कि सरकार आने वाले वित्तीय वर्ष में आम जनता, किसानों, युवाओं, मध्यम वर्ग और उद्योगों के लिए क्या बड़े ऐलान करती है।

