नई दिल्ली: भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर वार्ता पूरी कर ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “यूरोप और भारत आज इतिहास बना रहे हैं। हमने सभी सौदों की जननी ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ पर सहमति बना ली है। इससे दो अरब लोगों का फ्री ट्रेड ज़ोन बनेगा और दोनों पक्षों को लाभ होगा। यह तो बस शुरुआत है।”
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नरेंद्र मोदी करेंगे शिखर सम्मेलन की मेजबानी
वहीं, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “शांति हथियारों की टकराहट से नहीं, बल्कि न्याय के आचरण से आती है, आज भी यह विचार उतना ही प्रासंगिक है।” बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे। इस अवसर पर यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा की मौजूदगी में इस बहुप्रतीक्षित एफटीए की घोषणा की जाएगी।
Europe and India are making history today.
We have concluded the mother of all deals.
We have created a free trade zone of two billion people, with both sides set to benefit.
This is only the beginning.
We will grow our strategic relationship to be even stronger. pic.twitter.com/C7L1kQQEtr
— Ursula von der Leyen (@vonderleyen) January 27, 2026
मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ताएं पूरी, औपचारिक घोषणा बाकी
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल के अनुसार, भारत और ईयू के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर वार्ताएं पूरी हो चुकी हैं और शिखर सम्मेलन में इसके निष्कर्ष की औपचारिक घोषणा की जाएगी। उन्होंने समझौते को संतुलित और भविष्य-उन्मुख बताते हुए कहा कि इससे भारत-ईयू आर्थिक एकीकरण मजबूत होगा और व्यापार व निवेश प्रवाह में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। अधिकारियों के मुताबिक, कानूनी जांच (लीगल स्क्रबिंग) के बाद लगभग छह महीनों में समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे और इसके अगले वर्ष लागू होने की उम्मीद है। यह शिखर सम्मेलन व्यापार, सुरक्षा व रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और लोगों के बीच संपर्क जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करने का अवसर देगा।
यूरोपीय कारें होंगी सस्ती?
इस समझौते का एक बड़ा असर भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में देखने को मिलेगा। यूरोपीय कार निर्माताओं के लिए भारतीय बाजार खोलते हुए आयात शुल्क में बड़ी कटौती की तैयारी है, जो वर्तमान 110 प्रतिशत से घटकर लगभग 40 प्रतिशत हो सकता है। इससे वोक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों की कारें भारतीय उपभोक्ताओं के लिए अधिक किफायती हो सकती हैं। फिलहाल भारत के 44 लाख यूनिट के वार्षिक कार बाजार में यूरोपीय कंपनियों की हिस्सेदारी लगभग 4 प्रतिशत है।
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भारत के वैश्विक व्यापार विस्तार की दिशा में बड़ा कदम
भारत-ईयू एफटीए को भारत के वैश्विक व्यापार विस्तार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। यह समझौता अमेरिकी ऊंचे टैरिफ़ के प्रभाव को संतुलित करने में भी मदद कर सकता है और वस्त्र व आभूषण जैसे भारतीय निर्यातों के लिए यूरोपीय बाज़ार में नए अवसर खोलेगा।

