एंटरटेनमेंट डेस्क: कन्नड़ सिनेमा से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। ‘केजीएफ’ और ‘ओम’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में दमदार अभिनय करने वाले मशहूर अभिनेता हरीश राय का निधन हो गया है। वे लंबे समय से गले के कैंसर (थ्रोट कैंसर) से जूझ रहे थे। इस गंभीर बीमारी से लड़ते हुए उन्होंने आखिरकार दुनिया को अलविदा कह दिया।
गंभीर बीमारी से लंबी जंग
हरीश राय काफी समय से कैंसर के इलाज में थे। पहले उनका थ्रोट कैंसर था, जो धीरे-धीरे पेट तक फैल गया। बीमारी बढ़ने के कारण उनका शरीर कमजोर होता गया और पेट में पानी भर जाने से हालत और बिगड़ गई थी। पिछले कुछ महीनों में उनका स्वास्थ्य बहुत खराब हो गया था। उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया था कि इलाज का खर्च बहुत ज्यादा है और वे आर्थिक रूप से इसे झेल नहीं पा रहे हैं।

इलाज के लिए मांगी थी आर्थिक मदद
कुछ समय पहले सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर गोपी गौडू ने हरीश राय से मुलाकात की थी। उस दौरान अभिनेता ने वीडियो जारी कर बताया था कि एक इंजेक्शन की कीमत करीब 3.55 लाख रुपये है और डॉक्टरों ने 63 दिनों में तीन इंजेक्शन का कोर्स बताया था, जिसकी कुल लागत 10.5 लाख रुपये थी।
उन्होंने कहा था कि पूरे इलाज में करीब 70 लाख रुपये तक का खर्च आ सकता है। हरीश राय ने बताया था कि ‘केजीएफ’ स्टार यश ने पहले उनकी मदद की थी, लेकिन वे हर बार उनसे मदद नहीं मांग सकते। उन्होंने कहा था, “मुझे यकीन है कि अगर यश को मेरी हालत का पता चलेगा, तो वो जरूर मदद करेंगे।”
सिनेमा में अमर रहेंगे उनके किरदार
हरीश राय ने अपने लंबे करियर में कन्नड़, तमिल और तेलुगु फिल्मों में काम किया। उनकी कुछ यादगार फिल्में हैं, ‘ओम’, ‘समारा’, ‘बैंगलोर अंडरवर्ल्ड’, ‘जोड़ी हक्की’, ‘राज बहादुर’, ‘संजू वेड्स गीता’, ‘स्वयंवर’, ‘नल्ला’ और ब्लॉकबस्टर फिल्में ‘केजीएफ चैप्टर 1’ और ‘केजीएफ चैप्टर 2’। ‘केजीएफ’ में उन्होंने यश के चाचा का रोल निभाया था, जो दर्शकों के दिलों में बस गया।
इंडस्ट्री में शोक की लहर
हरीश राय के निधन की खबर से दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर फैंस और साथी कलाकार उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं। लोग कह रहे हैं कि वे सिर्फ एक एक्टर नहीं, बल्कि संवेदनशील और जुझारू इंसान थे, जिन्होंने हर किरदार को सच्चाई से जिया। एक फैन ने लिखा, “उनकी मुस्कान और आवाज़ हमेशा याद रहेगी।