नेशनल डेस्क: अयोध्या में आज एक ऐतिहासिक पल देखने को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर के शिखर पर धर्मध्वज फहराया। इस मौके पर RSS के सरसंघचालक मोहन भागवत भी मौजूद थे। ध्वज फहराने के बाद पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित किया और इस ध्वज के महत्व पर विस्तार से बात की। पीएम मोदी ने कहा कि यह धर्म ध्वजा सिर्फ़ एक झंडा नहीं है। यह सैकड़ों सालों के संघर्ष का एक साकार रूप है।
धर्मध्वज क्या दर्शाता है? – PM मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ध्वज सिर्फ़ एक झंडा नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता के पुनर्जागरण का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि भगवा रंग सूर्यवंश का प्रतीक है। ‘ॐ’ का चिन्ह पवित्र ऊर्जा का प्रतीक है। कोविदार वृक्ष राम राज्य की महानता का संकेत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह ध्वज आने वाली हजारों पीढ़ियों को भगवान राम के आदर्शों का संदेश देता रहेगा। यह सत्य, न्याय, करुणा और समानता की भावना को आगे बढ़ाता है।
#WATCH | Ayodhya Dhwajarohan | PM Modi says, “…Our scriptures say that those who are unable to come to the temple and yet pay their respects to the temple flag from afar also receive the same merit… This flag will provide a glimpse of Ram Lalla’s birthplace from afar and will… pic.twitter.com/mw4wWtZGKT
— ANI (@ANI) November 25, 2025
ध्वज को प्रणाम करने का महत्व
PM मोदी ने शास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि जो लोग मंदिर नहीं आ पाते, वे अगर दूर से मंदिर के ध्वज को भी प्रणाम करते हैं, तो उन्हें वही पुण्य मिलता है। उन्होंने कहा कि यह ध्वज दूर से ही रामलला की जन्मभूमि का दर्शन कराएगा और लोगों को प्रेरणा देगा।

मानसिक गुलामी से मुक्ति की बात
अपने भाषण में प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें आने वाले 10 सालों में मैकाले की सोच से पैदा हुई मानसिक गुलामी से बाहर निकलना होगा। उन्होंने बताया कि1835 में मैकाले ने भारत में मानसिक गुलामी की नींव रखी थी। अभी भी उसकी सोच कहीं-कहीं दिखाई देती है। नौसेना के ध्वज से गुलामी के चिन्ह हटाए गए, इसी तरह समाज से यह मानसिकता मिटानी है। PM मोदी ने कहा कि अगर भारत को अगले 1000 सालों तक मजबूत आधार देना है तो आने वाले दशक में इस मानसिकता से मुक्त होना जरूरी है।
#WATCH | Ayodhya Dhwajarohan | PM Modi says, “…Humein aane wale 1000 varshon ke liye Bharat ki neev mazboot karni hai. Jo sirf vartaman ka sochte hain wo aane wali pidhiyon ke saath anyaay karte hain. Humein bhavi pidhiyon ke baare mein bhi sochna hai. Hum jab nahi the yeh desh… pic.twitter.com/cS7iqgi495
— ANI (@ANI) November 25, 2025
विकसित भारत का संकल्प – 2047 तक
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 सालों में देश के हर वर्ग महिलाएं, दलित, पिछड़े वर्ग, आदिवासी, किसान, मजदूर, युवा सबको विकास के केंद्र में रखा गया है। उन्होंने कहा 2047 में जब आज़ादी के 100 साल होंगे, तब भारत को पूरी तरह विकसित राष्ट्र बनाना है। हमें सिर्फ आज नहीं, आने वाली पीढ़ियों के बारे में सोचना है। राम भेदभाव से नहीं, भावना से जोड़ते हैं; वे सत्ता नहीं, सहयोग की बात करते हैं। PM मोदी ने कहा, “अगर हमें 2047 तक भारत को विकसित बनाना है, तो हमें अपने भीतर राम जैसे मूल्यों को जगाना होगा।”
RSS प्रमुख मोहन भागवत का संदेश
मोहन भागवत ने कहा कि 500 साल की संघर्ष यात्रा के बाद आज हिंदू समाज ने अपना संकल्प सिद्ध किया है। उन्होंने कहा, हमें ऐसा भारत बनाना है जो दुनिया को सत्य और धर्म सिखाए। राम मंदिर का यह ध्वज लोगों को प्रेरित करता रहेगा चुनौतियाँ आएँगी, लेकिन एकजुट होकर काम करना होगा। दुनिया भारत से शांति, ज्ञान और विकास की उम्मीद करती है। उन्होंने सभी को श्री राम के नाम के साथ इस मिशन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।