नेशनल डेस्क : भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव और ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद भारतीय रेलवे ने एक महत्वपूर्ण सुरक्षा निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत, अब जम्मू-कश्मीर और पंजाब के पाकिस्तान सीमा से सटे इलाकों में रात के समय कोई ट्रेन नहीं गुजरेगी। रेलवे ने यह निर्णय यात्रियों की सुरक्षा और संवेदनशील क्षेत्रों में किसी भी तरह की आतंकी गतिविधि से बचाव के लिए लिया है। आइए जानते है इस खबर को विस्तार से…
क्यों लिया गया यह फैसला?
रेलवे सूत्रों और गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार पाकिस्तान से सटी सीमा पर बढ़ती ड्रोन और मिसाइल गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। रात में ट्रेन की आवाजाही के दौरान आतंकवादी हमलों या ड्रोन हमले की संभावना अधिक रहती है। इसीलिए रेलवे ने प्रिवेंटिव एक्शन के तहत यह कदम उठाया है।
तैनात होगी भारी पुलिस और सुरक्षा बल
रेलवे ने यह भी कहा है कि अब बॉर्डर से सटे स्टेशनों पर भारी संख्या में पुलिस बल और RPF (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) को तैनात किया जाएगा। स्टेशनों पर CCTV निगरानी, स्निफर डॉग्स, और बम स्क्वॉड्स की मदद से सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। यात्रियों को स्टेशन पर आने-जाने से पहले ID चेक और सामान की जांच जैसे प्रोटोकॉल से गुजरना होगा।
किन क्षेत्रों पर असर पड़ेगा?
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तेज तनाव के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने एक बड़ा फैसला लिया है। रेलवे ने जम्मू और पंजाब के पाकिस्तान से सटे बॉर्डर एरिया में रात को ट्रेनों की आवाजाही को रोकने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत, इन इलाकों से गुजरने वाली रात की ट्रेनों को अब सुरक्षा कारणों से रीशेड्यूल किया जाएगा, और स्पेशल ट्रेनें केवल दिन के समय चलेंगी।
क्या होगा प्रभाव?
-अमृतसर, बटिंडा, फिरोजपुर, जम्मू जैसे बॉर्डर एरिया से गुजरने वाली रात की ट्रेनें अब सुबह के समय चलेंगी।
-छोटी दूरी वाली ट्रेनों को कैंसिल कर दिया गया है, जिनमें सभी स्थानीय और छोटे मार्गों की ट्रेनें शामिल हैं। इन ट्रेनों का परिचालन अगले आदेश तक बंद रहेगा।
-यदि तनाव और बढ़ता है, तो रेलवे बोर्ड बैठकर आगे के फैसले लेगा और स्थिति के हिसाब से ट्रेन सेवाओं में कोई और बदलाव किया जा सकता है।
रेलवे का बयान
रेलवे ने यह भी बताया कि बॉर्डर एरिया से गुजरने वाली करीब 15 ट्रेनों को प्रभावित किया जाएगा। हालांकि, दिन में चलने वाली ट्रेनों की सेवाएं पहले की तरह जारी रहेंगी। रेलवे के इस कदम का उद्देश्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और संभावित आतंकी हमलों से बचाव करना है, खासकर उन सुरक्षा खतरों के बीच जो भारत-पाकिस्तान तनाव के कारण उत्पन्न हो सकते हैं।

