Tripura Police नेशनल डेस्क : त्रिपुरा के अगरतला रेलवे स्टेशन पर सोमवार देर रात राज्य रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने एक बड़ी सफलता हासिल की, जब उन्होंने अगरतला रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के साथ मिलकर दो अलग-अलग अभियानों में एक महिला मादक पदार्थ तस्कर और एक संदिग्ध मानव तस्कर को गिरफ्तार किया।
मादक पदार्थ की तस्करी में महिला गिरफ्तार
जीआरपी के प्रभारी, तापस दास के मुताबिक, गोमती जिले के तैदु अंतर्गत बिश्रमपारा गांव की निवासी जुमा देबबर्मा (26) को अगरतला रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 21.605 किलोग्राम सूखा गांजा बरामद हुआ, जिसे उसने एक ट्रॉली बैग में पांच पैकेटों में छिपा रखा था।
प्रारंभिक पूछताछ में जुमा ने बताया कि वह यह गांजा असम के करीमगंज ले जा रही थी, जहाँ से इसे आगे पंजाब भेजने की योजना थी। इसके बाद, आरोपी महिला के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंसेज (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस जब्त किए गए गांजे की कीमत पंजाब में लगभग 35,000 रुपये प्रति किलोग्राम है, जबकि खुले बाजार में इसकी कुल कीमत 7.5 लाख रुपये तक आंकी जा रही है।
मानव तस्करी के रैकेट में गिरफ़्तारी
इसी बीच, जीआरपी ने एक अलग अभियान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और बामुतिया चौकी पुलिस के सहयोग से एक संदिग्ध मानव तस्कर को गिरफ्तार किया। इस व्यक्ति की पहचान पश्चिम त्रिपुरा जिले के बुगजुर गांव के निवासी कमल दास (43) के रूप में हुई है।
कमल दास पर मानव तस्करी के एक मामले में संलिप्त होने का आरोप है, और वर्तमान में उसे एक विशेष पुलिस दल द्वारा पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह रैकेट स्थानीय स्तर पर अन्य लोगों को भी शामिल कर सकता है। इस कार्रवाई को मानव तस्करी पर नकेल कसने की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
पुलिस की ओर से कड़ी कार्रवाई
इन दोनों अभियानों के बाद, त्रिपुरा पुलिस ने न केवल मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर कड़ी कार्रवाई की है, बल्कि मानव तस्करी के खिलाफ भी अपनी तत्परता और सतर्कता को और मजबूत किया है।
पुलिस विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि मादक पदार्थों और मानव तस्करी जैसे अपराधों से निपटने के लिए पुलिस की सक्रियता लगातार जारी रहेगी और इस तरह के अपराधियों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

