नेशनल डेस्क: शिवसेना (UBT) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवसेना को खत्म नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह सिर्फ़ एक राजनीतिक पार्टी नहीं बल्कि एक विचारधारा है। उन्होंने कहा कि शिव सेना “जमीन के बेटों” की आवाज है और दबे-कुचले लोगों के दिलों में जलने वाली मशाल है। उद्धव ठाकरे ने ये बातें अपने पिता और शिव सेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे के शताब्दी समारोह के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहीं।
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BJP शिवसेना को नष्ट नहीं कर सकती- उद्धव ठाकरे
उन्होंने जोर देकर कहा कि BJP चाहे जितनी कोशिश कर ले, शिवसेना को नष्ट नहीं कर सकती। उन्होंने कहा, “अगर BJP सोचती है कि शिव सेना खत्म हो जाएगी, तो वह गलत है। शिवसेना कोई पार्टी नहीं, बल्कि एक विचारधारा है। यह ज़मीन के बेटों की चिंगारी है और आम लोगों के दिलों में जलने वाली मशाल है, जिसे बुझाया नहीं जा सकता।”
उद्धव ठाकरे का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में BJP और उसके नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने बड़ी जीत हासिल की है। इस चुनाव में महायुति ने 29 में से 25 नगर निगमों में जीत दर्ज की, जिनमें मुंबई की बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) भी शामिल है।
ठाकरे परिवार के 30 साल पुराने प्रभुत्व के खत्म होने का संकेत
BMC में यह नतीजा ठाकरे परिवार के करीब 30 साल पुराने प्रभुत्व के खत्म होने का संकेत माना जा रहा है। 227 सदस्यीय BMC में बहुमत के लिए 114 सीटों की ज़रूरत थी, जबकि महायुति गठबंधन ने 118 सीटें जीतीं। BJP 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, वहीं एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिव सेना को 29 सीटें मिलीं। दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) ने 65 सीटें जीतकर विपक्ष की भूमिका निभाई। पार्टी को कुल 7,17,736 वोट मिले, जो कुल वोटों का 13.13 प्रतिशत है।
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राजनीतिक लड़ाई जारी रखने के मूड में शिवसेना (UBT)
कांग्रेस ने 24 सीटें जीतीं और उसे 4.44 प्रतिशत वोट शेयर मिला।अन्य दलों की बात करें तो AIMIM ने मुंबई में 8 सीटें जीतीं, MNS को 6 सीटें मिलीं। NCP ने 3 सीटें, समाजवादी पार्टी ने 2 सीटें और NCP (शरद पवार गुट) को 1 सीट मिली। इन नतीजों के बीच उद्धव ठाकरे का बयान साफ संकेत देता है कि चुनावी हार के बावजूद वह शिवसेना (UBT) को एक मजबूत विचारधारा के रूप में पेश करते हुए राजनीतिक लड़ाई जारी रखने के मूड में हैं।

