Union Agriculture Minister Shivraj Chauhan: भारतीय सेना के शौर्य और समर्पण को सम्मानित करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री, श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज नई दिल्ली में एक विशेष पौधरोपण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम भारतीय सेना के वीरता को समर्पित था, जिसके तहत उन्होंने एक पौधा रोपकर राष्ट्र की सुरक्षा और सेना के योगदान को सलाम किया।
शिवराज चौहान ने लिखा: एक पेड़ सेना के शौर्य के नाम
इस मौके पर ट्वीट करते हुए, शिवराज चौहान ने लिखा, “एक पेड़ सेना के शौर्य के नाम, प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में आज नई दिल्ली में भारतीय सेना के शौर्य के नाम पौधा रोपा। देश को अपनी सेनाओं और अपने नेतृत्व पर भरोसा है। क्योंकि जब चुनौतियाँ सबसे कठिन होती हैं, तब भारत की सेनाएँ सबसे मजबूत दीवार बनती हैं; और जब निर्णय की घड़ी आती है, तब देश का नेतृत्व निडर होकर राष्ट्रहित में खड़ा होता है। यही विश्वास हमारी शक्ति है। यही एकजुटता हमारा अभिमान है। जय हिन्द! जय हिंद की सेना!
एक पेड़ सेना के शौर्य के नाम🇮🇳
प्रतिदिन पौधरोपण के संकल्प के क्रम में आज नई दिल्ली में भारतीय सेना के शौर्य के नाम पौधा रोपा।
देश को अपनी सेनाओं और अपने नेतृत्व पर भरोसा है। क्योंकि जब चुनौतियाँ सबसे कठिन होती हैं, तब भारत की सेनाएँ सबसे मजबूत दीवार बनती हैं; और जब निर्णय की… pic.twitter.com/RKUDI6HQGH
— Shivraj Singh Chouhan (@ChouhanShivraj) May 14, 2025
शिवराज चौहान के इस संदेश में उन्होंने भारतीय सेना के शौर्य के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए, देश की सुरक्षा के संदर्भ में भारतीय सेना की भूमिका को अहम बताया। मंत्री ने यह भी कहा कि जब भी देश पर संकट आता है, भारतीय सेना अपनी ताकत और साहस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी होती है।
यह कार्यक्रम एक विशेष पहल के तहत आयोजित किया गया, जिसमें हर दिन एक पौधा रोपने का संकल्प लिया गया है, ताकि पर्यावरण को बचाया जा सके और पर्यावरणीय जागरूकता को बढ़ावा दिया जा सके। शिवराज चौहान ने भारतीय सेना की बहादुरी को न केवल श्रद्धांजलि अर्पित की, बल्कि यह भी दिखाया कि कैसे छोटे-छोटे कदम पर्यावरण संरक्षण में योगदान दे सकते हैं।
इस पौधरोपण कार्यक्रम ने न केवल भारतीय सेना की वीरता का सम्मान किया, बल्कि इसने पर्यावरण संरक्षण के लिए एक मजबूत संदेश भी दिया। शिवराज चौहान ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे इस तरह की पहल को और आगे बढ़ाएं और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

