इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम शांति के नोबेल पुरस्कार के रूप में नामित किया गया है। ट्रंप ने हाल ही में इसको लेकर दावेदारी जताई थी। सबसे पहले ट्रंप के लिए पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने डिमांड की थी। इसके बाद नाम जुड़ा इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का।
बता दें कि पाकिस्तान के बाद इजरायल ऐसा देश है, जिसने अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए नोबेल पुरस्कार की डिमांड की है। अब सोशल मीडिया पर भी बहस तेज हो चुकी है कि क्या ट्रंप इस पुरस्कार को पाने के हकदार हैं या नहीं?
In the very close international race on who can flatter Donald Trump the most Benjamin Netanyahu is now a strong runner-up, having yesterday presented Trump with the letter he has written to Oslo nominating him for the Nobel Peace Prize. Nothing is too much. pic.twitter.com/U6Ut0dzcWK
— Carl Bildt (@carlbildt) July 8, 2025
4 अमेरिकी राष्ट्रपति पा चुके यह पुरस्कार
अगर ट्रंप नोबेल पुरस्कार पाने में कामयाब हो जाते हैं तो वे अमेरिकी के 5वें राष्ट्रपति होंगे, जिनको ये गौरव हासिल होगा। अब तक की बात करें तो अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट, वूड्रो विल्सन, जिमी कार्टर, बराक ओबामा को नोबेल पुरस्कार मिल चुका है।
अमेरिका के राष्ट्रपतियों के अलावा कई और भी शख्सियतें हैं, जिनको ये पुरस्कार मिला है। आपको हैरानी होगी कि जर्मनी के पूर्व तानाशाह एडोल्फ हिटलर का नाम भी नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट हो चुका है। आज तक किन-किन हस्तियों को नोबेल पुरस्कार से नवाजा जा चुका है, इनके बारे में जान लेते हैं?
ये नेता हासिल कर चुके नोबेल
बता दें कि दुनिया के कई बड़े नेता इस पुरस्कार को हासिल कर चुके हैं। 4 अमेरिकी राष्ट्रपतियों के अलावा आंग सान सू की, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, मिखाइनल गोर्बाचेव, नेल्सन मंडेला, विंस्टन चर्चिल और मोहम्मद यूनुस जैसे नेता इस पुरस्कार को हासिल कर चुके हैं।
ट्रंप का नाम विवादों में क्यों?
इस समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दुनियाभर में ट्रेड वार को लेकर चर्चा में चल रहे हैं। ट्रंप शांति का नोबेल मांग रहे हैं, लेकिन माना जा रहा है कि उनकी नीतियों की वजह से ही दुनियाभर की व्यापारिक गतिविधियों में हलचल दिख रही है। पश्चिम एशिया में हाल ही में ईरान और इजरायल के बीच संघर्ष थमा है।
जंग में अमेरिका की एंट्री भी दुनिया देख चुकी है। एक तरफ रूस और यूक्रेन के बीच ट्रंप युद्ध खत्म करवाने की वकालत कर रहे हैं, वहीं, दूसरी ओर यूक्रेन को अमेरिका लगातार हथियार सप्लाई कर रहा है।

