नेशनल डेस्क: उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने से खीरगंगा नदी में बाढ़ आ गई, जिससे इलाके में भारी तबाही मच गई। इस दौरान एक शख्स बाढ़ के पानी और मलबे के बीच जान बचाकर दौड़ता हुआ दिखा, लेकिन कुछ ही समय बाद वह मलबे में दब गया। यह मंजर कैमरे में कैद हो गया, और लोग उसे देख कर लगातार चीख रहे थे, “भाग भाई, भाग!”। इस दृश्य ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया।
खीरगंगा में आई बाढ़ ने निचले इलाकों में कई घरों, होटल और दुकानों को मलबे में दबा दिया। इस हादसे में कई लोग लापता हैं और अब तक कुछ शवों की भी पहचान की गई है। जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, ताकि प्रभावित लोग मदद प्राप्त कर सकें।

पीएम मोदी ने जताया दुख
पीएम मोदी ने उत्तरकाशी की इस त्रासदी पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, उत्तरकाशी के धराली में हुई इस त्रासदी से प्रभावित लोगों के प्रति मैं अपनी संवेदना व्यक्त करता हूं। इसके साथ ही सभी पीड़ितों की कुशलता की कामना करता हूं। मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से बात कर मैंने हालात की जानकारी ली है। राज्य सरकार की निगरानी में राहत और बचाव की टीमें हरसंभव प्रयास में जुटी हैं। लोगों तक मदद पहुंचाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
घटना की जानकारी
मंगलवार को हर्षिल घाटी में कुछ घंटों के अंतराल में तीन स्थानों पर बादल फटने की घटना घटी, जिससे पूरे इलाके में तबाही मच गई। पहले धराली में खीरगंगा नदी में बादल फटने से जलस्तर तेजी से बढ़ा, और मलबा सैलाब के रूप में बहने लगा। इसके बाद तेलगाड में भी जलस्तर बढ़ने के कारण मलबा हर्षिल हेलीपैड और सेना के कैंप में घुस गया। बाढ़ के पानी से कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ। इस घटनाक्रम को देखकर इलाके में चीख-पुकार मच गई, और कई होटल, रिसॉर्ट, दुकानें, और घर मलबे में दब गए। धराली का प्रसिद्ध कल्प केदार मंदिर भी पूरी तरह से मलबे में बह गया।
लोगों को सचेत रहने की सलाह
आपदा के बाद जिला प्रशासन ने निचले इलाकों के लिए अलर्ट जारी किया है। सायरन के माध्यम से लोगों को सचेत रहने के लिए कहा गया है, और पुलिस व आपदा प्रबंधन टीम लगातार वाहनों से क्षेत्र में अलर्ट कर रही है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहे हैं। प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को खास तौर पर सतर्क रहने की सलाह दी है। साथ ही, क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण और भी बाढ़ के खतरे की संभावना जताई गई है।