Site icon Dainik Savera Times

Rajya Sabha: ‘वंदे मातरम् ने मां भारती की बेड़ियों को तोड़ने में मदद की’, राज्यसभा में बोले अमित शाह

Vande Mataram break shackles of Mother India

Vande Mataram break shackles of Mother India

नई दिल्ली: संसद का शीतकालीन सत्र जारी है। लोकसभा और राज्यसभा में वंदे मातरम् पर जोरदार बहस हो रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी राज्यसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा में भाग लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ये अमर कृति, मां भारती के प्रति समर्पण, भक्ति और कर्तव्य का भाव जागृत करने वाली है। इसलिए जिनको ये नहीं समझ आ रहा है कि आज वंदे मातरम् पर चर्चा क्यों हों रही है, मुझे लगता है कि उन्हें नए सिरे से अपनी समझ को समझने की जरूरत है। अमित शाह ने कहा, ”वंदे मातरम वह आवाज़ बन गई जिसने माँ भारती की बेड़ियों को तोड़ने में मदद की।”

हम सौभाग्यशाली, इस ऐतिहासिक पल के साक्षी भी बन रहे

अमित शाह ने कहा, ”हम सब सौभाग्यशाली हैं कि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी भी बन रहे हैं और इसमें हिस्सा भी ले रहे हैं। जब हम वंदे मातरम की महानता पर चर्चा कर रहे थे, तो कुछ सदस्यों ने सवाल किया कि यह विषय संसद में क्यों उठाया जा रहा है। तो मैं इसका जवाब देता हूँ। वंदे मातरम के लिए हमेशा समर्पण की ज़रूरत रही है। जब इसे पहली बार बनाया गया था, तब भी समर्पण की ज़रूरत थी, आज़ादी की लड़ाई के दौरान इसने समर्पण की प्रेरणा दी, 1947 में आज़ादी मिलने पर भी यह ज़रूरी रहा, और आज भी इसका उतना ही महत्व है। 2047 में, जब हम विकसित भारत की ओर बढ़ेंगे, तब भी हम वंदे मातरम पर उसी सम्मान के साथ चर्चा करेंगे। क्योंकि यह हमारे कमिटमेंट और माँ भारती के प्रति हमारी अटूट भक्ति को दिखाता है।”

 

माँ भारती की बेड़ियों को तोड़ने में मदद की

अमित शाह ने कहा, ”वंदे मातरम वह आवाज़ बन गई जिसने माँ भारती की बेड़ियों को तोड़ने में मदद की। जब हमारे शहीदों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया, तो वंदे मातरम वह मंत्र बन गया जिसने उन्हें भारत में एक और जन्म की कामना करने के लिए प्रेरित किया। आज दोनों सदनों में वंदे मातरम पर चर्चा आने वाली पीढ़ियों को इसका असली महत्व और इसकी महिमा समझने में मदद करेगी।”

वंदे मातरम बोलने वालों को जेल में बंद किया 

अमित शाह ने कहा कि जब वंदे मातरम 100 साल का हुआ तो सबको लगा कि 100 साल मनाए जाएंगे। पर इसके महिमामंडन का सवाल नहीं था, क्योंकि जो वंदे मातरम बोलने वाले थे, उन्हें इंदिरा गांधी जी ने बंद कर दिया। विपक्ष के लोगों को स्वयंसेवी संगठन के लोगों को जेल में भर दिया गया। अखबारों में ताले लगा दिए गए। वंदे मातरम 100 साल का हुआ तो पूरे देश को बंदी बनाकर रख दिया गया।

Exit mobile version