नेशनल डेस्क: बुधवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के स्वर्ण जयंती समारोह के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की तबीयत अचानक बिगड़ गई। वे तीन दिन के उत्तराखंड दौरे पर हल्द्वानी पहुंचे थे। तबीयत बिगड़ने के बाद मौके पर मौजूद डॉक्टरों की टीम ने उपराष्ट्रपति को प्राथमिक उपचार दिया।
कई बार मंच से महेंद्र पाल का जिक्र किया
नैनीताल में आयोजित कुमाऊं विश्वविद्यालय के 50 साल पूरे होने के मौके पर हुए समारोह में उपराष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने 45 मिनट के भाषण के दौरान उन्होंने कई बार मंच पर मौजूद डॉ. महेंद्र सिंह पाल का ज़िक्र किया, जो 1989 में उनके साथ सांसद रह चुके हैं।
महेंद्र को गले लगाकर रोने लगे उपराष्ट्रपति, फिर बिगड़ी तबीयत
कार्यक्रम के बाद जब उपराष्ट्रपति मंच से नीचे उतरे, तो उन्होंने डॉ. महेंद्र को गले लगा लिया। दोनों कुछ देर तक आपस में पुरानी यादें साझा करते रहे। इस भावुक क्षण में डॉ. पाल रोने लगे, और फिर उपराष्ट्रपति धनखड़ भी भावनाओं में बहकर रो पड़े।इसी दौरान धनखड़ की तबीयत बिगड़ गई। तुरंत मौजूद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें प्राथमिक इलाज दिया। इलाज के बाद वे राज्यपाल के साथ राजभवन के लिए रवाना हो गए। इस पूरे घटनाक्रम ने समारोह को एक भावुक मोड़ दे दिया और वहां मौजूद सभी लोगों को पुराने रिश्तों और मानवीय भावनाओं की अहमियत का एहसास कराया।
उत्तराखंड के तीन के दौरे पर हैं उपराष्ट्रपति
बता दें कि, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ तीन के उत्तराखंड के दौरे पर हैं। हल्द्वानी के आर्मी हैलीपेड पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) ने उपराष्ट्रपति का स्वागत किया। वहीं, कुमाऊं विश्वविद्यालय के कार्यक्रम के मौके पर राज्य सरकार की ओर से कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, सांसद अजय भट्ट, हल्द्वानी के मेयर गजराज बिष्ट, वन एवं पर्यावरण सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष दीपक महरा, कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आईजी रिद्धिम अग्रवाल, जिलाधिकारी वंदना और एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा समेत कई अधिकारी मौजूद थे।

