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जिस नंबर को मानते थे लकी, वही बन गई विजय रूपाणी की मौत की आखिरी तारीख

नई दिल्ली: अहमदाबाद विमान हादसे में जान गंवाने वालों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। हादसे की तारीख थी 12 जून (12/6) और यही नंबर 1206 था जिसे रूपाणी अपना लकी नंबर मानते थे। वर्षों से उनके सभी वाहनों का रजिस्ट्रेशन नंबर 1206 ही था।

1206 बना ‘अंतिम यात्रा’ की तारीख
रूपाणी जी की कार, स्कूटर और अन्य वाहनों का नंबर था GJ-3-AB-1206। राजकोट में लोग उन्हें और उनकी गाड़ियों को इसी नंबर से पहचानते थे। अब यही अंक भारत की सबसे बड़ी विमान दुर्घटनाओं में से एक की तारीख बन गया।

लंदन जा रहे थे पत्नी और बेटी से मिलने
विजय रूपाणी लंदन जा रहे थे, जहां उनकी पत्नी अंजलिबेन पहले से थीं। वह अपनी बेटी से मिलने जा रहे थे। इसी फ्लाइट (AI-171) में वे सवार थे जो उड़ान भरने के कुछ मिनट बाद ही अहमदाबाद के मेघाणीनगर इलाके में एक मेडिकल कॉलेज की इमारत से टकरा गई।गुजरात भाजपा प्रमुख और केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने हादसे में रूपाणी की मौत की पुष्टि की। अंजलिबेन शुक्रवार सुबह भारत लौटीं।

विजय रूपाणी का राजनीतिक सफर
68 वर्षीय विजय रूपाणी एक शांत और सुलझे हुए नेता माने जाते थे। उन्होंने अगस्त 2016 से सितंबर 2021 तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया। कोविड-19 के बाद के दौर में उन्होंने राज्य को संभालने में अहम भूमिका निभाई।

राजनीतिक जीवन की झलक
छात्र जीवन में ABVP के कार्यकर्तारहे। आपातकाल (1975) के दौरान जेल भी गए। 1987 में राजकोट नगर निगम के पार्षद बने और फिर महापौर चुने गए। 2006-2012 तक राज्यसभा सांसद भी रहे।

एक संयोग जो हमेशा याद रहेगा
विजय रूपाणी का लकी नंबर 1206, जो उनकी पहचान बन गया था, अब उनकी अंतिम यात्रा की तारीख के रूप में याद किया जाएगा 12/06/2025। यह दुखद संयोग न केवल उनके चाहने वालों को भावुक कर रहा है, बल्कि देश के इतिहास में एक भावनात्मक याद बन कर रह जाएगा।

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