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कंबोडिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जारी रखेंगे, थाईलैंड ने ट्रंप के सीजफायर दावे को नकारा

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बैंकाक: थाईलैंड और कंबोडिया के बीच चल रहा सैन्य तनाव अभी खत्म नहीं हुआ है। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने साफ कहा है कि कंबोडिया के खिलाफ सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी, जब तक थाईलैंड की जमीन और उसके नागरिक पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो जाते। यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के उलट है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच सीजफायर (युद्धविराम) हो गया है।

खतरा कम होने तक पीछे नहीं हटेंगे- थाई सेना 

शनिवार सुबह फेसबुक पर किए गए एक पोस्ट में अनुतिन ने कहा कि थाई सेना तब तक पीछे नहीं हटेगी, जब तक खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि आज सुबह हुई सैन्य कार्रवाई से यह साफ हो जाता है कि थाईलैंड अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर है।

सीजफायर की घोषणा के बाद हवाई हमले जारी रखे 

इस बयान के बाद कंबोडिया ने भी आरोप लगाए हैं। कंबोडियाई अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप द्वारा सीजफायर की घोषणा के बावजूद थाई सेना ने हवाई और जमीनी हमले जारी रखे। कंबोडिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 13 दिसंबर 2025 को थाई वायुसेना के दो एफ-16 लड़ाकू विमानों ने कंबोडिया के अंदर कई ठिकानों पर सात बम गिराए।

मंत्रालय ने यह भी कहा कि शनिवार सुबह 8 बजे तक गांवों और रिहायशी इलाकों पर बमबारी जारी रही। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, थाई सीमा के पास पुरसात प्रांत के थमोर दा इलाके में दो होटलों पर हमला हुआ, जिससे होटल और कैसीनो की इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा।

कोह कोंग प्रांत की ओर तोप के गोले दागे

एक अलग घटना में, थाई नौसेना पर भी आरोप लगे हैं कि उसने एक युद्धपोत से कंबोडिया के कोह कोंग प्रांत की ओर तोप के गोले दागे। इससे समुद्र तट और होटल वाले इलाके प्रभावित हुए। हालांकि कंबोडियाई अधिकारियों ने कहा है कि इन ताजा हमलों में किसी के मारे जाने की खबर नहीं है।

छठे दिन जारी है संघर्ष 

यह संघर्ष लगातार छठे दिन जारी है। अक्टूबर में डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से हुआ शांति समझौता इस हफ्ते की शुरुआत में टूट गया था। तब से अब तक दोनों देशों में कम से कम 20 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 200 लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, थाईलैंड-कंबोडिया की करीब 800 किलोमीटर लंबी सीमा के दोनों ओर लगभग 6 लाख लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं। यह विवाद मुख्य रूप से सदियों पुराने मंदिरों के स्वामित्व को लेकर है।

थाई प्रधानमंत्री ने ट्रंप के दावे को भी खारिज किया

शुक्रवार देर रात ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि उन्होंने थाईलैंड और कंबोडिया के प्रधानमंत्रियों से बात कर सभी गोलीबारी रोकने पर सहमति करवा ली है। उन्होंने यह भी कहा कि मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की मदद से दोनों देश पुराने शांति समझौते पर लौटने को तैयार हैं।

हालांकि, थाई प्रधानमंत्री अनुतिन ने ट्रंप के एक और दावे को भी खारिज किया। ट्रंप ने कहा था कि एक सड़क किनारे हुए विस्फोट, जिसमें कई थाई सैनिक मारे गए और घायल हुए, वह एक दुर्घटना थी। अनुतिन ने साफ शब्दों में कहा कि यह कोई दुर्घटना नहीं थी। कुल मिलाकर, दोनों देशों के बयानों से यह साफ है कि जमीन पर हालात अब भी तनावपूर्ण हैं और सीजफायर को लेकर विरोधाभासी दावे सामने आ रहे हैं।

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