
नई दिल्ली: मंगलवार को संसद के बाहर इलेक्टोरल रोल के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के मुद्दे पर विपक्षी पार्टियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र को बचाने और नाइंसाफी के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
विपक्ष का आरोप है कि SIR की प्रक्रिया में कई गड़बड़ियां हैं, इसलिए इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। संसद के विंटर सेशन के दूसरे दिन की शुरुआत से पहले ही INDIA गठबंधन के सांसद मकर द्वार के बाहर इकट्ठा होकर नारेबाजी करने लगे। पहले दिन भी लोकसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी, क्योंकि विपक्ष लगातार SIR पर चर्चा कराने की मांग कर रहा था।
कांग्रेस MP मनीष तागोर ने बताया कि INDIA गठबंधन ने तय किया है कि वे SIR और चुनाव सुधार से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा करवाने के लिए दबाव बनाएंगे। उन्होंने कहा कि “यह मुद्दा वोट देने के अधिकार से जुड़ा है, इसलिए सरकार को इससे पीछे नहीं हटना चाहिए।”
तागोर ने यह भी दावा किया कि बिहार में 62 लाख वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, SIR को 12 राज्यों में लागू कर दिया गया है, और इस काम से जुड़े कई BLO (Booth Level Officer) तनाव में हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष सिर्फ लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है और इसके लिए संसद में बहस जरूरी है।
कांग्रेस MP दिग्विजय सिंह ने SIR की तुलना CAA (नागरिकता संशोधन कानून) से करते हुए इसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि पुराने SIR में लोगों को कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं होती थी। BLO घर-घर जाकर जानकारी लेते थे और वोटर लिस्ट अपडेट हो जाती थी। लेकिन इस बार लोगों से फॉर्म भरवाया जा रहा है और नागरिकता का सबूत मांगा जा रहा है। उन्होंने कहा, “यह SIR नहीं, CAA जैसी प्रक्रिया है, और हम इसका विरोध करते हैं।”
उधर, BJP की सांसद अपराजिता सारंगी ने विपक्ष पर पलटवार करते हुए कहा कि PM मोदी ने विपक्ष को उनके “ड्रामा” का सही आईना दिखाया है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष इस तरह के “बिना कारण” हंगामे करता रहेगा तो उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव जैसे नतीजे मिलेंगे। विंटर सेशन के दूसरे दिन केंद्र सरकार लोकसभा में सेंट्रल एक्साइज (अमेंडमेंट) बिल, 2025 पेश कर रही है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण तंबाकू उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी और सेस बढ़ाने के लिए कानून में बदलाव करेंगी।
मेष: दिन शुभ रहेगा...