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इन 6 देशों में बैन है Meta का ये Popular App… जानें किन वजहों से लगा है प्रतिबंध

WhatsApp Ban : व्हाट्सऐप आज दुनियाभर में सबसे अधिक इस्तेमाल किए जाने वाले इंस्टैंट मैसेजिंग ऐप्स में से एक है। मेटा (Meta) का यह ऐप न केवल सोशल मीडिया की दुनिया में सबसे ऊपर है, बल्कि इसके 2.95 अरब से ज्यादा एक्टिव यूजर्स हैं। भारत व्हाट्सऐप का सबसे बड़ा मार्केट है, जहां लगभग 60 करोड़ लोग इसका रोज़ाना इस्तेमाल करते हैं।

हालांकि, दुनिया में कुछ ऐसे देश भी हैं जहां यह पॉपुलर ऐप पूरी तरह से या आंशिक रूप से प्रतिबंधित (banned) है। आइए जानते हैं उन देशों के बारे में जहां पर WhatsApp का इस्तेमाल करना आसान नहीं है:

1. चीन:

भारत का पड़ोसी देश चीन, व्हाट्सऐप को पूरी तरह से बैन कर चुका है। यहां की सरकार विदेशी ऐप्स और वेबसाइट्स पर कड़ी नजर रखती है। राजनीतिक नियंत्रण, साइबर सुरक्षा और घरेलू टेलीकॉम इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चीन ने व्हाट्सऐप पर रोक लगा दी है। चीन के लोग मुख्य रूप से WeChat ऐप का इस्तेमाल करते हैं, जो सरकार के पूर्ण नियंत्रण में है।

2. ईरान:

ईरान में समय-समय पर व्हाट्सऐप पर प्रतिबंध लगाया जाता है। अशांत राजनीतिक माहौल और आपातकालीन स्थितियों में सरकार सोशल मीडिया ऐप्स पर नियंत्रण करती है। दिसंबर 2024 में प्रतिबंध हटाया गया था, लेकिन अब भी व्हाट्सऐप के कई फीचर्स जैसे वॉइस कॉलिंग पूरी तरह से काम नहीं करते।

3. सीरिया:

सीरिया की सरकार ने व्हाट्सऐप को पूरी तरह से बैन कर रखा है। सरकार का मानना है कि यह ऐप सूचनाओं के प्रसार में रुकावट डाल सकता है और नियंत्रण में बाधा बन सकता है। वहां पर इंटरनेट पर भी सख्त सेंसरशिप है और कई अन्य वेबसाइट्स भी ब्लॉक हैं।

4. संयुक्त अरब अमीरात (UAE):

यूएई में व्हाट्सऐप का मैसेजिंग फीचर तो काम करता है लेकिन वॉइस और वीडियो कॉलिंग पर प्रतिबंध है। सरकार ने घरेलू टेलीकॉम कंपनियों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है। लोगों को कॉलिंग के लिए स्थानीय VoIP सेवाओं का उपयोग करना पड़ता है।

5. कतर:

कतर में भी यूएई की तरह व्हाट्सऐप के मैसेजिंग फीचर को अनुमति दी गई है, लेकिन वॉइस और वीडियो कॉलिंग की सुविधा प्रतिबंधित है। इसके पीछे भी मुख्य कारण देश की टेलीकॉम इंडस्ट्री को सुरक्षा देना माना जाता है।

6. उत्तर कोरिया:

उत्तर कोरिया में तो केवल व्हाट्सऐप ही नहीं बल्कि अधिकांश विदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी बैन है। वहां की तानाशाही सरकार इंटरनेट एक्सेस को सीमित रखती है और आम नागरिकों को ग्लोबल इंटरनेट की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सरकार नागरिकों की हर डिजिटल गतिविधि पर सख्त नजर रखती है।

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