नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए कहा कि युवाओं से “वोट चोरी” रोकने की अपील का कोई असर नहीं होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जेनरेशन ज़ेड (Generation Z) राहुल गांधी के लिए कोई महत्व नहीं रखती है और उनकी अपील इस वर्ग पर असर डालने में नाकाम रहेगी।
देवेंद्र फडणवीस का बयान
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में बोलते हुए फडणवीस ने कहा, “जो भी नेपाल से प्यार करता है, वह वहां रह सकता है। भारत के युवा अब विरोध करने का समय नहीं रखते। जेनरेशन ज़ेड अब अलग तरीके से सोचता है। राहुल गांधी की अपील काम नहीं करने वाली है।” उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी के पास सरकार गिराने के लिए कोई और विकल्प नहीं है।
यह बयान राहुल गांधी द्वारा की गई हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ दिनों बाद आया, जिसमें उन्होंने भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर “वोट चोरी” के आरोप लगाए थे। गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया कि वह “वोट चोरों” को संरक्षण दे रहे हैं।
राहुल गांधी की युवाओं से अपील
18 सितंबर को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद राहुल गांधी ने एक पोस्ट लिखकर युवाओं से अपील की थी कि वे चुनावों में हो रही कथित वोट चोरी को रोकें। गांधी ने कहा, “देश के युवा, छात्र और जेनरेशन ज़ेड संविधान की रक्षा करेंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और वोट चोरी रोकेंगे। मैं हमेशा उनके साथ खड़ा हूं। जय हिंद!”
राहुल गांधी ने इस दौरान चुनाव आयोग से मांग की कि कर्नाटक के कलबुर्गी ज़िले के अलंद विधानसभा क्षेत्र में शुरू की गई मतदाता धोखाधड़ी की जांच में सहयोग दिया जाए, जो कि दो साल से अधिक समय से रुकी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग द्वारा कर्नाटक सीआईडी के भेजे गए पत्रों का जवाब नहीं दिया जा रहा है, और इसे इस बात का “सबूत” बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार “वोट चोरों” का समर्थन कर रहे हैं।
चुनाव आयोग ने अधूरे विवरण दिए
राहुल गांधी ने कहा, “फरवरी 2023 में जांच शुरू हुई मार्च में कर्नाटक सीआईडी ने चुनाव आयोग को पत्र भेजा था, लेकिन अगस्त तक अधूरे विवरण दिए गए, जिससे जांच में कोई प्रगति नहीं हो सकी।” उन्होंने चुनाव आयोग से एक हफ्ते के अंदर सभी अनुरोधित आँकड़े जारी करने की मांग की। फडणवीस का यह बयान राहुल गांधी की लगातार बढ़ती आलोचना का हिस्सा है, जो चुनाव आयोग और सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं।

