नेशनल डेस्क: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने हाल ही में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस ‘द एच फाइल्स’ में आरोप लगाया था कि हरियाणा विधानसभा चुनावों में बड़े पैमाने पर मतदाता धोखाधड़ी हुई है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में हर 8 में से 1 मतदाता फर्जी है, यानी करीब 25 लाख फर्जी नाम मतदाता सूची में हैं। राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कई जगह डाक वोट और बूथ वोटों में गड़बड़ी हुई है और मतदाताओं के नामों से छेड़छाड़ की गई है। इस पर भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने प्रतिक्रिया दी है। आयोग के सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी या कांग्रेस ने मतदाता सूची पर कोई औपचारिक शिकायत या अपील दर्ज नहीं की थी।
यह भी पढ़ें: ‘NDA दो-तिहाई बहुमत के साथ फिर से सरकार बनाने जा रही’, राजनाथ सिंह का बड़ा बयान
आयोग ने कुछ अहम सवाल उठाए:
अगर कांग्रेस के मतदान एजेंटों को डुप्लिकेट मतदाताओं पर शक था, तो उन्होंने मतदान केंद्रों पर ही आपत्ति क्यों नहीं जताई? क्या राहुल गांधी एसआईआर प्रक्रिया (जिसमें डुप्लिकेट, मृत या स्थानांतरित मतदाताओं को हटाया जाता है) का समर्थन करते हैं या विरोध? मतदाता सूची के संशोधन के समय कांग्रेस के बूथ-लेवल एजेंटों (BLA) ने कोई दावा या अपील क्यों नहीं दायर की? चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि राहुल गांधी का यह मानना कि डुप्लिकेट मतदाताओं ने बीजेपी को वोट दिया, तथ्यों से मेल नहीं खाता रिकॉर्ड दिखाते हैं कि ऐसे मतदाताओं ने कांग्रेस को भी वोट दिया था।
Some Important Facts in respect of Haryana Assembly Elections 2024 pic.twitter.com/q66ZID485X
— Chief Electoral Officer, Haryana (@ceoharyana) November 5, 2025
आयोग ने स्पष्ट किया कि “हाउस नंबर जीरो” उन इलाकों के लिए लिखा जाता है जहाँ नगरपालिका या पंचायतों द्वारा मकानों को नंबर नहीं दिए गए होते। इसके अलावा, आयोग ने बताया कि 1 अगस्त से 15 अक्टूबर 2024 के बीच बिहार में एसआईआर प्रक्रिया चली, लेकिन उस दौरान भी कांग्रेस ने कोई अपील दर्ज नहीं की।
हरियाणा चुनाव से जुड़े आंकड़े:
मसौदा मतदाता सूची 2 अगस्त 2024 को प्रकाशित की गई और सभी राजनीतिक दलों को दी गई। कुल 4,16,408 दावे और आपत्तियां प्राप्त हुईं। बीएलओ की संख्या20,629 थी। अंतिम मतदाता सूची27 अगस्त 2024 को जारी हुई। किसी भी कांग्रेस कार्यकर्ता या उम्मीदवार ने ईआरओ या जिलाधिकारी के पास कोई अपील नहीं की। चुनाव 20,632 मतदान केंद्रों पर हुए, जहां 1,031 उम्मीदवार मैदान में थे। 86,790 मतदान एजेंट और 10,180 मतगणना एजेंट नियुक्त किए गए। मतदान और मतगणना के दौरान केवल पांच शिकायतें आईं। परिणाम 8 अक्टूबर 2024 को घोषित हुए, और 23 चुनाव याचिकाएं अदालत में दायर की गईं।
राहुल गांधी का कहना है कि कांग्रेस के पास ऐसे सबूत हैं जो दिखाते हैं कि मतदाता सूची में गड़बड़ी हुई है और कई मतदाता या तो अस्तित्व में नहीं हैं, या एक ही व्यक्ति के नाम पर कई वोट दर्ज हैं। चुनाव आयोग ने कहा कि अगर ऐसा कोई सबूत था, तो कांग्रेस को यह चुनाव प्रक्रिया के दौरान ही उठाना चाहिए था, न कि चुनाव के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में।

