नई दिल्ली : आज के व्यस्त जीवन में पेट की समस्याएं आम हो गई हैं। असंतुलित आहार, अनियमित खानपान और लंबे समय तक बैठे रहने की आदत के कारण कब्ज, अपच और पेट फूलना जैसी परेशानियां अक्सर होती हैं। ऐसे में योगासन इन समस्याओं का आसान और प्रभावी समाधान बन सकते हैं।
भारत सरकार का आयुष मंत्रालय रोजाना योग को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देता है। इसके अनुसार, पवनमुक्तासन पेट और आंतों की कई समस्याओं को दूर करने वाला एक सरल लेकिन असरदार आसन है। ‘पवन’ का मतलब वायु और ‘मुक्त’ का अर्थ छोड़ना है। इस आसन से पेट और आंतों में फंसी हुई गैस बाहर निकलती है, पाचन सुधरता है और कब्ज जैसी परेशानियों में राहत मिलती है।
पवनमुक्तासन के अभ्यास से पेट की सूजन कम होती है, वात दोष और एसिडिटी में आराम मिलता है, पेट की चर्बी घटती है और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है। महिलाएं भी इस आसन से अनियमित पीरियड्स और लीवर-किडनी संबंधी समस्याओं से लाभ पा सकती हैं।
इस आसन को करने का तरीका सरल है। पीठ के बल लेटें, दोनों पैर सीधे रखें। दाहिना घुटना मोड़कर छाती से सटाएं और हाथों से गले से लगाएं। सिर उठाकर नाक को घुटने से स्पर्श करें और 10-30 सेकंड तक रुकें। इसी तरह बायां पैर करें। दिन में 5-10 मिनट नियमित अभ्यास से पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है और पेट हल्का व स्वस्थ बना रहता है।

