नई दिल्ली। आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में डीप फ्राई खाना आम हो गया है। समोसा, पकौड़े, कचौड़ी, फ्रेंच फ्राइज जैसे तले-भुने स्नैक्स बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी की पसंद बने हुए हैं। लेकिन अगर डीप फ्राइंग सही तरीके से न की जाए, तो यह सेहत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, जब तेल को बार-बार तेज आंच पर गर्म किया जाता है, तो उसमें ऑक्सीडेशन बढ़ जाता है। इससे फ्री रेडिकल्स और ट्रांस फैट की मात्रा बढ़ती है, जो पाचन तंत्र को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ हृदय रोग और मोटापे जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है।
आयुर्वेद के मुताबिक, अधिक तला-भुना भोजन पाचन अग्नि को कमजोर करता है और शरीर में विषैले तत्वों का निर्माण करता है। इससे गैस, एसिडिटी, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतें बढ़ सकती हैं। इसलिए डीप फ्राइंग करते समय कुछ जरूरी नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
डीप फ्राइंग के 5 जरूरी नियम
1. तेल को बार-बार इस्तेमाल न करें
एक ही तेल को बार-बार गर्म करने से उसमें हानिकारक तत्व बढ़ जाते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदायक होते हैं।
2. धुआं उठने के बाद तेल का इस्तेमाल न करें
जब तेल से धुआं निकलने लगे, तो समझ लें कि उसका तापमान सुरक्षित सीमा से ऊपर जा चुका है और वह खराब हो चुका है।
3. अलग-अलग तेलों को मिलाने से बचें
दो या उससे ज्यादा तेल मिलाकर तलने से उनका रासायनिक संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे सेहत को नुकसान हो सकता है।
4. इस्तेमाल के बाद तेल को छानकर ही दोबारा उपयोग करें
तेल में बचे जले हुए कण दोबारा गर्म करने पर अधिक हानिकारक हो जाते हैं, इसलिए तेल को छानना जरूरी है।
5. मोटे तले के बर्तन का इस्तेमाल करें
मोटे तले के बर्तन में तापमान समान रहता है, जिससे तेल जल्दी नहीं जलता और खाना भी सुरक्षित तरीके से तलता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन आसान नियमों को अपनाकर डीप फ्राई भोजन से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है और स्वाद के साथ सेहत का भी ध्यान रखा जा सकता है।

