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हीट स्ट्रोक से बच्चों पर बढ़ता खतरा: तेज गर्मी में रखें खास सावधानी, जानें जरूरी सुझाव

Heat Stroke In Children

Heat Stroke In Children

Heat Stroke In Children: देश के कई हिस्सों में इन दिनों तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे भीषण गर्मी का असर लगातार बढ़ रहा है। इस तपिश भरे मौसम का सबसे ज्यादा असर छोटे बच्चों पर देखने को मिल रहा है। लू और हीट स्ट्रोक के मामलों में बढ़ोतरी के साथ कुछ गंभीर घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें बच्चों की जान तक चली गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है और समय रहते सावधानी बरतना जरूरी है।

बच्चों में हीट स्ट्रोक क्यों होता है ज्यादा खतरनाक?

डॉक्टरों के अनुसार बच्चों का शरीर बड़ों की तुलना में तापमान को नियंत्रित करने में कम सक्षम होता है। वे जल्दी डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाते हैं और शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है। खेलकूद या बाहर रहने के दौरान बच्चे अक्सर पानी पीना भूल जाते हैं, जिससे समस्या और गंभीर हो जाती है।

हीट स्ट्रोक के लक्षण क्या हैं?

हीट स्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है और पसीना आना बंद हो जाता है, जिससे शरीर खुद को ठंडा नहीं कर पाता। इसके लक्षणों में शामिल हैं:

तेज बुखार
त्वचा का लाल और सूखा होना
तेज दिल की धड़कन
चक्कर आना और कमजोरी
भ्रम की स्थिति या असामान्य व्यवहार

इससे पहले की अवस्था को हीट एग्जॉस्टन कहा जाता है, जिसमें अत्यधिक पसीना, मांसपेशियों में ऐंठन, थकान और चक्कर जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। समय पर ध्यान न देने पर यह स्थिति खतरनाक हीट स्ट्रोक में बदल सकती है।

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बच्चों को क्यों होता है ज्यादा खतरा?

विशेषज्ञ बताते हैं कि बच्चों का शरीर गर्मी को तेजी से सोखता है और पानी की कमी भी जल्दी हो जाती है। लंबे समय तक धूप में रहना या खेलते रहना उनके लिए जोखिम बढ़ा देता है। यही वजह है कि उन्हें गर्मी में विशेष देखभाल की जरूरत होती है।

ऐसे करें बच्चों की सुरक्षा

विशेषज्ञ के अनुसार, गर्मी के इस मौसम में बच्चों को अतिरिक्त सावधानी की जरूरत है। डॉक्टरों की सलाह है कि..

दोपहर के समय बच्चों को बाहर धूप में न भेजें।
स्कूल वैन या गाड़ियों में पर्याप्त वेंटिलेशन और पहले से कूलिंग हो।
बच्चों की आउटडोर गतिविधियां सीमित रखें।
हल्के, सूती और ढीले कपड़े पहनाएं।
गहरे रंग के कपड़ों से बचें क्योंकि वे ज्यादा गर्मी सोखते हैं।

अगर बच्चा हीट स्ट्रोक का शिकार हो जाए तो क्या करें?

डॉक्टरों के अनुसार, ऐसी स्थिति में तुरंत प्राथमिक उपचार जरूरी है। बच्चे को ठंडी जगह पर ले जाकर उसके कपड़े ढीले कर दें और शरीर पर ठंडे पानी का छिड़काव करें या गीले कपड़े से पोंछें। बड़े बच्चों को ठंडे पानी में बैठाया जा सकता है। अगर बच्चा भ्रम की स्थिति में हो, असामान्य व्यवहार कर रहा हो या हालत गंभीर लगे तो बिना देरी किए तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए, क्योंकि थोड़ी सी भी देरी खतरनाक साबित हो सकती है।

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