Site icon Dainik Savera Times

मधुमेह रोगियों में स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकता है High Blood Pressure,शोध में हुआ खुलासा

नई दिल्ली : चीनी शोधकर्ताओं ने एक स्टडी में पाया है कि हाई ब्लड प्रैशर वाले मधुमेह रोगियों को स्ट्रोक का खतरा हो सकता है। जर्नल डायबिटीज एंड मैटाबोलिक सिंड्रोम क्लिनिकल रिसर्च एंड रिव्यूज में प्रकाशित अध्ययन से पता चला है कि सिस्टोलिक ब्लड प्रैशर टाइप 2 मधुमेह के रोगियों में स्ट्रोक के जोखिम से सीधा जुड़ा हुआ है।

चीन में सैंट्रल साउथ यूनिवर्सिटी की टीम ने कहा कि टाइप 2 मधुमेह वाले व्यक्तियों में ब्लड प्रैशर से स्ट्रोक का खतरा है और यह पूर्वानुमान लगाता है कि ब्लड प्रैशर का आकलन करने से स्ट्रोक के बारे में जानने में मदद मिलती। अध्ययन के लिए टीम ने 8,282 लोगों पर 6.36 साल तक रिसर्च की।

परिणाम से पता चला कि ब्लड प्रैशर और नाड़ी दबाव ने स्वतंत्र रूप से स्ट्रोक का उच्च जोखिम दिखाया, यानि कि बीपी और स्ट्रोक के बीच एक मजबूत संबंध की पहचान की गई। मधुमेह और हाई ब्लड प्रैशर दोनों ही विश्व स्तर पर प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियां हैं। अध्ययन से पता चला है कि मधुमेह रोगियों में बाकी लोगों की तुलना में इस्केमिक स्ट्रोक का खतरा 2 से 4 गुना बढ़ जाता है।

स्ट्रोक वाले मधुमेह रोगियों को लंबे समय तक अस्पताल में रहना पड़ सकता है, विकलांग हो सकते हैं और उनमें मृत्यु दर भी ज्यादा होती है। अध्ययन में कहा गया, दूसरी ओर, मधुमेह रोगियों में आमतौर पर पाया जाने वाला हाई ब्लड प्रैशर स्ट्रोक के लिए सबसे अधिक जोखिम का कारक है।

Exit mobile version