Hot Coffee vs Cold Coffee: कॉफी सिर्फ एक ड्रिंक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की दिनचर्या का अहम हिस्सा है। कोई सुबह की शुरुआत गर्म कॉफी से करता है, तो कोई ठंडी कॉफी के बिना खुद को अधूरा मानता है। लेकिन स्वाद से हटकर सवाल यह है कि हेल्थ और वेट लॉस के लिहाज से हॉट कॉफी ज्यादा फायदेमंद है या कोल्ड कॉफी? आइए जानते हैं एक्सपर्ट्स और रिसर्च क्या कहती हैं।

न्यूट्रिशन के मामले में कौन आगे?
हॉट कॉफी को गर्म पानी में पिसी हुई कॉफी बीन्स से तैयार किया जाता है। इसमें बी-विटामिन्स, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। खासतौर पर इसमें मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड शरीर को एनर्जी देने और फोकस बढ़ाने में मदद करता है। हालांकि दूध और चीनी मिलाने से इसके फायदे घट सकते हैं।
वहीं कोल्ड कॉफी अक्सर कोल्ड ब्रू या इंस्टेंट कॉफी से बनाई जाती है। मूल रूप से इसके पोषक तत्व हॉट कॉफी जैसे ही होते हैं, लेकिन इसमें अक्सर शुगर, क्रीम, सिरप या आइसक्रीम मिलाई जाती है, जिससे कैलोरी तेजी से बढ़ जाती है।
मेटाबॉलिज्म पर असर
हॉट कॉफी में मौजूद कैफीन शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करता है। इसके अलावा, गर्म कॉफी पीने से थर्मोजेनेसिस बढ़ता है, जिससे शरीर ज्यादा कैलोरी बर्न करता है।
कोल्ड कॉफी भी कैफीन के कारण मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करती है, लेकिन इसमें मौजूद अतिरिक्त शुगर और फैट इस प्रभाव को कम कर सकते हैं। यानी फायदा उतना नहीं मिलता जितना हॉट कॉफी से।
हेल्थ के लिए कौन सी कॉफी बेहतर?
स्टडीज के अनुसार, नियमित रूप से हॉट कॉफी पीने से टाइप-2 डायबिटीज, हार्ट डिजीज और न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का खतरा कम हो सकता है। इसके एंटीऑक्सीडेंट्स सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से लड़ने में मदद करते हैं।
हालांकि, कोल्ड कॉफी भी हेल्दी हो सकती है बशर्ते इसे बिना ज्यादा चीनी और अनहेल्दी फैट के तैयार किया जाए। वरना इसके फायदे नुकसान में बदल सकते हैं।
वजन घटाने के लिए कौन सी कॉफी ज्यादा असरदार?
रिसर्च बताती है कि हॉट कॉफी वेट लॉस के लिए ज्यादा कारगर मानी जाती है। इसके थर्मोजेनिक गुण मेटाबॉलिज्म को 5 से 11 प्रतिशत तक बढ़ा सकते हैं।
2018 में थॉमस जेफरसन यूनिवर्सिटी की एक स्टडी के मुताबिक, हॉट कॉफी में कोल्ड ब्रू की तुलना में 20–30% ज्यादा एंटीऑक्सीडेंट्स पाए गए, जो फैट स्टोरेज को रोकने और इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर करने में मदद करते हैं।