क्या इंटरव्यू का नाम सुनते ही दिल की धड़कन तेज हो जाती है, हाथ ठंडे पड़ जाते हैं और दिमाग खाली सा लगने लगता है? यह सिर्फ आपके साथ नहीं होता- ज्यादातर लोग इंटरव्यू से पहले ऐसी ही घबराहट महसूस करते हैं। फर्क सिर्फ इतना होता है कि कुछ लोग इसे संभालना सीख लेते हैं और वहीं से उनका कॉन्फिडेंस बनता है। अगर आप भी इंटरव्यू के दौरान खुद को बेहतर तरीके से पेश करना चाहते हैं तो कुछ आसान लेकिन असरदार आदतें आपकी मदद कर सकती हैं।
तैयारी ही सबसे बड़ा आत्मविश्वास देती है
घबराहट का सबसे बड़ा कारण होता है तैयारी की कमी। जब हमें यह साफ नहीं होता कि क्या पूछा जा सकता है तो डर बढ़ने लगता है। इसलिए जिस कंपनी में इंटरव्यू देने जा रहे हैं उसके बारे में पहले से जानकारी जुटाएं। जॉब रोल को अच्छे से समझें और अपने अनुभव को उससे जोड़कर सोचें। जब आप तैयार होते हैं तो जवाब देते समय आत्मविश्वास अपने आप झलकता है।
अपने जवाब पहले से सोचकर रखें
अक्सर इंटरव्यू में कुछ सवाल लगभग हर जगह पूछे जाते हैं जैसे- अपने बारे में बताइए, आपकी ताकत क्या है, या आपने पिछली नौकरी क्यों छोड़ी। इन सवालों के जवाब पहले से सोचकर रखना आपको इंटरव्यू में रुकने या घबराने से बचाता है। इससे आप ज्यादा साफ और आत्मविश्वास के साथ बात कर पाते हैं।
ये भी पढ़ें : https://dainiksaveratimes.com/ajab-gajab/bhutan-traffic-system-no-police/
बॉडी लैंग्वेज का रखें खास ध्यान
कई बार हम जो कहते हैं उससे ज्यादा हमारी बॉडी लैंग्वेज सामने वाले पर असर डालती है। सीधे बैठना, आंखों में देखकर बात करना और हल्की मुस्कान बनाए रखना- ये छोटी-छोटी चीजें आपके कॉन्फिडेंस को दिखाती हैं। अगर आप खुद को संभालकर रखते हैं तो सामने वाला भी आपको गंभीरता से लेता है।
धीरे और साफ बोलने की आदत डालें
घबराहट में लोग बहुत तेज बोलने लगते हैं या शब्दों को स्पष्ट नहीं बोल पाते। इंटरव्यू के दौरान थोड़ा धीरे और सोच-समझकर बोलना बेहतर होता है। इससे आपके शब्द साफ सुनाई देते हैं और सामने वाले को आपकी बात समझने में आसानी होती है।
मॉक इंटरव्यू से करें प्रैक्टिस
अगर आपको ज्यादा घबराहट होती है तो किसी दोस्त या परिवार के सदस्य के साथ मॉक इंटरव्यू की प्रैक्टिस करें। इससे आपको माहौल का अंदाजा हो जाता है और असली इंटरव्यू के समय आप ज्यादा सहज महसूस करते हैं। जितनी ज्यादा प्रैक्टिस उतना कम डर।
रिजेक्शन को न बनाएं डर
कई बार लोग इंटरव्यू से पहले ही इस डर में रहते हैं कि अगर रिजेक्ट हो गए तो क्या होगा। लेकिन हर इंटरव्यू एक सीख होती है। अगर आप इसे अनुभव की तरह देखेंगे तो दबाव कम महसूस होगा और आप बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।
खुद पर भरोसा रखना सबसे जरूरी
सबसे अहम बात है-खुद पर विश्वास। आपने जो भी सीखा है, जो अनुभव आपके पास है, वही आपको दूसरों से अलग बनाता है। अगर आप खुद पर भरोसा रखते हैं तो यह आपके हर जवाब और आपके पूरे व्यक्तित्व में नजर आता है।
इंटरव्यू की घबराहट पूरी तरह खत्म नहीं होती लेकिन उसे संभालना सीखा जा सकता है। सही तैयारी, सोच और लगातार प्रैक्टिस के साथ आप न सिर्फ अपने डर को कम कर सकते हैं बल्कि इंटरव्यू में अपने कॉन्फिडेंस से सामने वाले को प्रभावित भी कर सकते हैं।

