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नींद की कमी का पता लगाने के लिए नया ब्लड टैस्ट डिवैल्प

नई दिल्ली: वैज्ञानिकों की एक टीम ने एक ब्लड टैस्ट डिवैल्प किया है जो यह पता लगा सकता है कि कोई व्यक्ति 24 घंटों से सोया नहीं है। आॅस्ट्रेलिया में मोनाश विश्वविद्यालय और ब्रिटेन में बर्मिंघम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों के अनुसार, नींद की कमी से गंभीर बीमारी या मृत्यु का खतरा भी बढ़ सकता है। साइंस एडवांसेज जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, बायोमार्कर टैस्ट से पता लग सकता है कि कोई व्यक्ति 24 घंटे तक जाग रहा था या नहीं। ब्रिटेन में बर्मिंघम यूनिवर्सिटी में नींद और सर्केडियन विज्ञान के प्रोफैसर क्लेयर एंडरसन ने कहा, ‘वैज्ञानिकों के लिए यह वास्तव में एक रोमांचक खोज है, और अपर्याप्त नींद से संबंधित स्वास्थ्य प्रबंधन में परिवर्तनकारी हो सकती है।‘

दुनियाभर में लगभग 20 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं नींद की कमी के कारण होती हैं। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि यह खोज नींद से वंचित ड्राइवरों की आसानी से पहचान कर सकती है जिससे भविष्य में इस मामले का आसानी से उपचार हो। एंडरसन ने कहा, ‘इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि 5 घंटे से कम नींद असुरक्षित ड्राइविंग से जुड़ी है, लेकिन 24 घंटे जागने के बाद गाड़ी चलाना, शराब पीकर गाड़ी चलाने से कहीं ज्यादा खतरनाक है।‘ यह टैस्ट भविष्य में फोरैंसिक उपयोग के लिए भी हो सकता है लेकिन आगे सत्यापन की आवश्यकता है। यह नींद की कमी का बायोमार्कर टैस्ट 24 घंटे या उससे अधिक जागने पर आधारित है, लेकिन 18 घंटे तक जागने का पता भी लगा सकता है।

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