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अध्ययन में हुआ खुलासा, Covid से हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना अधिक

August 21, 2023

अध्ययन में हुआ खुलासा, Covid से हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना अधिक

न्यूयॉर्कः सार्स सीओवी-2 वायरस के कारण होने वाला कोविड-19, पहले से मौजूद हृदय रोगों वाले वयस्कों में उच्च रक्तचाप के विकास से महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा हुआ है। 45,000 से अधिक लोगों के इलेक्ट्रॉनिक मेडिकल रिकॉर्ड के वेिषण के आधार पर एक नए अध्ययन से ये पता चला है।

न्यूयॉर्क शहर में अल्बर्ट आइंस्टीन कॉलेज ऑफ मेडिसिन और मोंटेफियोर हेल्थ सिस्टम में रेडियोलॉजी के प्रोफेसर टिम क्यू डुओंग ने कहा, ‘‘पहले से मौजूद हाई ब्लड प्रेशर वाले रोगियों में कोविड-19 आम तौर पर अधिक गंभीर होता है, हालांकि यह अज्ञात था कि क्या सार्स सीओवी-2 वायरस हाई ब्लड प्रेशर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है? हाइपरटेंशन जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, यह पहला अध्ययन है जो एक समान श्वसन वायरस की तुलना में कोविड संक्रमण वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर से जुड़े विकास और जोखिम कारकों की जांच करता है।

उच्च रक्तचाप को ऊपर और नीचे की संख्या 130/80 मिमी एचजी से अधिक या उसके बराबर होने के रूप में वर्गीकृत किया गया है। अध्ययन में 1 मार्च, 2020 और 20 फरवरी, 2022 के बीच अस्पताल में भर्ती हुए कोविड-19 वाले 45,398 लोगों को शामिल किया गया। साथ ही जनवरी 2018 और 20 फरवरी, 2022 के बीच अस्पताल में भर्ती किए गए इन्फ्लूएंजा वाले 13,864 लोगों को भी शामिल किया गया और दोनों की तुलना की गई।

वेिषण में पाया गया कि 21 प्रतिशत लोग जो कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती थे और 11 प्रतिशत जो लोग कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती नहीं थे, उनमें हाई ब्लड प्रेशर विकसित हुआ, जबकि इन्फ्लूएंजा के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले 16 प्रतिशत लोगों और इन्फ्लूएंजा के कारण अस्पताल में भर्ती नहीं होने वाले 4 प्रतिशत लोगों में उच्च रक्तचाप विकसित हुआ।

कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों में दोगुना से अधिक और अस्पताल में भर्ती नहीं होने वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर विकसित होने की संभावना 1.5 गुना अधिक थी। सार्स सीओवी-2 से संक्रमित लोग जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक थी, या जो पहले से ही पुराने रोगों से पीड़ित थे, उनमें उच्च रक्तचाप विकसित होने का खतरा बढ़ गया था।

डुओंग ने कहा, कि ‘इन्फ्लूएंजा की तुलना में कोविड-19 से प्रभावित लोगों की भारी संख्या को देखते हुए, ये आंकड़े चिंताजनक हैं और बताते हैं कि भविष्य में कई और रोगियों में हाई ब्लड प्रेशर विकसित होने की संभावना है, जो एक बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य बोझ बन सकता है।‘ ‘इन निष्कर्षों से कोविड-19 बीमारी के बाद उच्च रक्तचाप के जोखिम वाले रोगियों की जांच करने के बारे में जागरूकता बढ़नी चाहिए, ताकि हृदय और गुर्दे की बीमारी जैसी जटिलताओं की पहले से पहचान और उपचार संभव हो सके।‘

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