
नई दिल्ली: एक नए अध्ययन में कैंसर मरीजों के तेजी से घटते वजन के पीछे की वजह सामने आई है। अध्ययन में पता चला है कि इसका कनैक्शन हमारे ब्रेन और लिवर से जुड़ा हो सकता है। कैंसर से होने वाली लगभग एक-तिहाई मौतों का कारण कैचेक्सिया है। यह एक लाइलाज मैटाबॉलिक सिंड्रोम है, जिसमें मांसपेशियों और शरीर में वसा की कमी हो जाती है और मरीज का वजन तेजी से कम होने लगता है। यह कैंसर के इलाज में भी मुश्किल उत्पन्न करती है, जिससे मरीजों की मृत्यु दर बढ़ जाती है।
इसराइल के वीजमैन इंस्टीटय़ूट ऑफ साइंस और अमरीका के टैक्सास एमडी एंडरसन कैंसर सैंटर के शोधकर्ताओं ने पाया कि ब्रेन और लिवर के बीच संचार में रुकावट इस वजन घटने का एक प्रमुख कारण है। कैंसर के कारण होने वाला इंफ्लेमेशन वैगस नर्व की गतिविधि को बाधित करता है, जो ब्रेन और लिवर के बीच संचार का मुख्य माध्यम है। वैगस नर्व शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों, जैसे पाचन, हृदय की गति और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाती है।
जब कैंसर के कारण शरीर में इंफ्लेमेशन होता है, तो यह वैगस नर्व के सामान्य कामकाज को बाधित कर देता है और जीवन के लिए खतरा पैदा करने वाला सिंड्रोम विकसित होता है।
वेइजमैन में डॉ. नामा दर्जी और एमडी एंडरसन में डॉ. अलीशा गैरेट के नेतृत्व में किए गए शोध को पत्रिका सैल में प्रकाशित किया गया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, कुछ कैंसरों में रोगियों में कैचेक्सिया की व्यापकता 85 प्रतिशत तक है; यह अग्नाशय और फेफड़ों के टय़ूमर में सबसे अधिक है।