मुंबई में I.I.M.U.N. (इंडियन इंटरनेशनल मॉडल यूनाइटेड नेशंस) के साथ राधिका मर्चेंट (अंबानी) के इंटरव्यू में सफलता को नए नज़रिए से देखने, लगातार सीखते रहने, नारीवाद और आर्थिक आज़ादी जैसे विषयों पर बात हुई। उन्होंने करियर से जुड़ी प्रैक्टिकल सलाह दी और महिलाओं के सशक्तिकरण पर अपने विचार रखे।

I.I.M.U.N. के साथ उनकी बातचीत की मुख्य बातें इस प्रकार हैं
आर्थिक आज़ादी: उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि महिलाओं को अपने परिवार, पिता या पति पर निर्भर न रहकर आर्थिक रूप से आज़ाद होना चाहिए। उनके अनुसार, आर्थिक ज़िम्मेदारी महिलाओं को सम्मान दिलाती है।
सफलता की परिभाषा: उन्होंने कहा कि जहाँ समाज सफलता को जमा किए गए पैसे, सत्ता या शोहरत से मापता है, वहीं उनके लिए असली सफलता का पैमाना है – असल योगदान देना और नौकरियां बढ़ाने में मदद करना।
लगातार सीखते रहना: छात्रों और आयोजन टीम को संबोधित करते हुए, उन्होंने बुनियादी बातों में महारत हासिल करने और सीखने का उत्साह बनाए रखने के महत्व पर ज़ोर दिया, भले ही वह उनके मुख्य अध्ययन क्षेत्र से बाहर की चीज़ हो।
नारीवाद पर विचार: उन्होंने समानता को तुलना के बजाय सम्मान के नज़रिए से परिभाषित किया और कहा कि किसी साझेदारी (जैसे शादी) में, “हम अलग-अलग हैं लेकिन बराबर हैं”। उन्होंने मातृसत्तात्मक परंपराओं में भारत की ऐतिहासिक जड़ों पर भी प्रकाश डाला।

मेष: दिन शुभ रहेगा...