
नेशनल डेस्क : महाराष्ट्र सरकार ने एक और एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला लिया है, जिसे कैबिनेट की मीटिंग में मंजूरी दे दी गई है। इस हाईवे का नाम शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे रखा जाएगा, जिसका निर्माण 20 हजार करोड़ रुपये की लागत से होगा। यह एक्सप्रेसवे अब तक राज्यों में बनने वाला सबसे लंबा हाईवे होगा। इससे पहले मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे और यूपी के प्रयागराज एक्सप्रेसवे को सबसे लंबा माना जाता था।
नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद नागपुर से गोवा के बीच सीधी कनेक्टिविटी होगी। यानी यह हाईवे लगभग 805 किलोमीटर लंबा होगा। नागपुर से गोवा का सफर सिर्फ 8 घंटे का रह जाएगा। यह हाईवे पूर्वी महाराष्ट्र के कोंकण से सीधे गोवा के बीच सफर को आरामदायक बनाएगा। इससे महाराष्ट्र के विदर्भ समेत कई जिलों के विकास को पंख लगेंगे।
फिलहाल गोवा और नागपुर के बीच सड़क मार्ग के जरिए जाने में 18 घंटे लगते हैं। नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद यह सफर सिर्फ 8 घंटे का रह जाएगा, 10 घंटे का समय लोगों का बचेगा। यह एक्सप्रेसवे महालक्ष्मी, तुलजाभवानी और पत्रादेवी शक्तिपीठ को आपस में कनेक्ट करेगा, इसलिए इसका नाम शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे रखा गया है। इसके अलावा नया हाईवे बनने के बाद पंढरपुर, नांदेड़ और सेवाग्राम जैसे इलाके भी आपस में कनेक्ट होंगे।
सिखों का पवित्र तीर्थस्थल तख्त सचखंड साहिब नांदेड़ में ही स्थित है, जहां आवागमन करना आसान होगा। यह एक्सप्रेसवे वर्धा के पावनार इलाके से बनना शुरू होगा, जो गोवा के पत्रादेवी तक जाएगा। इसके बनने से न केवल महाराष्ट्र के जिलों में आपसी कनेक्टिविटी में सुधार होगा, बल्कि मध्य भारत से गोवा का सफर तय करने में भी आसानी होगी।
महाराष्ट्र के औद्योगिक विकास के लिए भी इस हाईवे को कारगर माना जा रहा है। इस प्रोजेक्ट को एकनाथ शिंदे सरकार के दौरान पूर्व डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने पेश किया था। इसके अलावा महाराष्ट्र में एक और प्रोजेक्ट भी शुरू किया जाना है।
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