Last Updated: November 6, 2026

Dainik Savera Times Logo

पंजाब से हरियाणा पहुंचा ₹1 करोड़ का ‘प्रताप रूप’ घोड़ा… खाने में बादाम से लेकर… ऊंचाई व रंग ने सबका ध्यान खींचा

December 15, 2025

पंजाब से हरियाणा पहुंचा ₹1 करोड़ का ‘प्रताप रूप’ घोड़ा… खाने में बादाम से लेकर… ऊंचाई व रंग ने सबका ध्यान खींचा

‘Pratap Roop’ horse News : हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में चल रहे पशु मेले में एक खास घोड़ा लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यह घोड़ा नुकरा नस्ल का है और इसका नाम ‘प्रताप रूप’ है। पंजाब के संगरूर जिले से लाया गया यह घोड़ा सिर से पांव तक बिल्कुल सफेद रंग का है, जिस वजह से हर कोई इसे देखने के लिए रुक रहा है। प्रताप रूप की उम्र करीब 28 महीने है और इसकी ऊंचाई 67 इंच है। यह घोड़ा बहुत फुर्तीला है और 1 सेकेंड में करीब 40 फीट तक दौड़ सकता है। इसकी शानदार कद-काठी, रंग और नस्ल की शुद्धता ही इसे खास बनाती है।

1 करोड़ की कीमत, फिर भी बिक्री नहीं
मेले के दूसरे दिन से ही पशुपालक और पर्यटक प्रताप रूप के चारों ओर जमा नजर आए। जब लोगों को इसकी कीमत पता चली तो वे हैरान रह गए। घोड़े के मालिक तूर वंजारा गांव के सरपंच हरप्रीत सिंह और उनके पिता निर्भय सिंह ने बताया कि उन्हें प्रताप रूप के लिए 1 करोड़ रुपये तक का ऑफर मिला है, लेकिन उन्होंने अभी इसे बेचने का कोई इरादा नहीं बनाया है। उनका कहना है कि अगर कोई ऐसा खरीदार मिलेगा जो इसकी सही देखभाल कर सके, तभी वे बिक्री के बारे में सोचेंगे।

प्रताप रूप की देखभाल में 3 लोग तैनात
हरप्रीत सिंह बताते हैं कि प्रताप रूप की सेवा के लिए 3 लोग अलग से रखे गए हैं। इसके अलावा वे खुद और उनके पिता भी उसकी देखभाल में पूरा समय देते हैं। उनके पास और भी घोड़े हैं, जिनके लिए डेढ़ एकड़ में फार्म बना हुआ है, लेकिन प्रताप रूप को वे अपने घर में ही रखते हैं, ताकि उस पर खास ध्यान दिया जा सके।

खान-पान का खास ध्यान

प्रताप रूप को दिन में तीन बार अलग-अलग समय पर खाना दिया जाता है।

-सुबह: 2 से 3 किलो काले चने

-सुबह 11 बजे: फार्म में घुमाने ले जाते हैं

-दोपहर: फार्म में खुला छोड़ते हैं, जहां वह घास चरता है

-शाम: घर लाकर दूध पिलाते हैं

-सर्दियों में दूध में बादाम डालकर उबालकर दिया जाता है। गर्मियों में हफ्ते में 2 दिन सेब भी खिलाए जाते हैं।

रोज नहाना और तेल मालिश
हरप्रीत सिंह बताते हैं कि प्रताप रूप को हर रोज नहलाया जाता है। नहाने के बाद उसकी तेल से मालिश की जाती है। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक घंटा लगता है और इसमें फार्म पर काम करने वाले तीन लोग मदद करते हैं।

ये भी पढ़ें: पाकिस्तान से कनेक्शन, लाइसेंसी हथियारों से हमला… जानें Sydney आतंकी हमले की पूरी कहानी

परिवार और घोड़ों का शौक
निर्भय सिंह बताते हैं कि उनके दो बेटे हैं—दलजीत सिंह ऑस्ट्रेलिया में और गुरप्रीत सिंह न्यूजीलैंड में रहते हैं। बड़े बेटे दलजीत सिंह को घोड़ों का बहुत शौक है। उसी शौक की वजह से परिवार ने अपना पुश्तैनी मकान छोड़ दिया और उसी मकान में अब प्रताप रूप और दूसरा घोड़ा प्रेम रतन रखा गया है।

घोड़ी से शुरू हुआ सफर
करीब 4 साल पहले दलजीत सिंह ने चुपचाप एक घोड़ी खरीद ली थी और उसे अपने दोस्त के पास रख दिया। कुछ महीनों बाद जब घरवालों को पता चला, तो उन्होंने उसे घर लाने की इजाजत दे दी। इसके बाद निर्भय सिंह ने भी उस घोड़ी की सवारी शुरू की और खेतों तक उसी पर जाने लगे। धीरे-धीरे उनका शौक भी बढ़ता चला गया।

18 महीने का मारवाड़ी घोड़ा ‘प्रेम रतन’
उस घोड़ी से एक बछेड़ा पैदा हुआ, जिसका नाम ‘प्रेम रतन’ रखा गया। प्रेम रतन मारवाड़ी नस्ल का है और अभी 18 महीने का है। इसी घोड़ी के बाद परिवार ने 60 लाख रुपये में प्रताप रूप को खरीदा था।

खेती छोड़ी, घोड़ों का कारोबार शुरू
आज निर्भय सिंह और हरप्रीत सिंह खेती के साथ-साथ घोड़ों का व्यापार भी कर रहे हैं। हरप्रीत सिंह अक्सर प्रताप रूप पर बैठकर गांव में घूमते नजर आते हैं। प्रताप रूप आज सिर्फ एक घोड़ा नहीं, बल्कि परिवार के लिए शान, शौक और पहचान बन चुका है।

Video: बेरोजगार युवाओं के लिए विदेश में नौकरी का सुनहरा अवसर

खबरें और भी हैं...

Copyright © 2025 Dainik Savera Times. All rights reserved.
ऐप खोलें