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10 महीने के रियांस ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड, 36 सेकेंड में चढ़ीं 21 सीढ़ियां

Riyans sets world record

Riyans sets world record

Karnataka: जहां 10 महीने की उम्र में ज्यादातर बच्चे घुटनों के बल चलना सीख रहे होते हैं या अपने पहले कदम रखने की कोशिश करते हैं, वहीं कर्नाटक के विजयपुरा जिले के एक मासूम ने अपनी अनोखी प्रतिभा से सभी को हैरान कर दिया। महज 10 महीने के रियांस पट्टनशेट्टी ने 36 सेकेंड में 21 सीढ़ियां चढ़कर अपना नाम नोबल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करा लिया है।

रियांस की इस उपलब्धि की हर तरफ चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर लोग उसके वीडियो को देखकर उसकी फुर्ती और संतुलन की जमकर सराहना कर रहे हैं। इतनी कम उम्र में सीढ़ियां इतनी तेजी से चढ़ने की उसकी क्षमता लोगों के लिए हैरानी का विषय बनी हुई है।

घर में सामने आया अनोखा हुनर

रियांस के माता-पिता को पहली बार उसके इस खास हुनर का पता तब चला, जब उन्होंने देखा कि वह घर की सीढ़ियां बिना किसी डर के आसानी से चढ़ने लगा है। बेटे की इस क्षमता को देखकर उसकी मां ने उसे लगातार प्रोत्साहित किया। धीरे-धीरे रियांस ने करीब एक फीट ऊंची सीढ़ियों पर भी तेज गति और बेहतर संतुलन के साथ चढ़ना सीख लिया।

वीडियो और दस्तावेज भेजने के बाद मिली मान्यता

बेटे की असाधारण प्रतिभा को देखते हुए उसके माता-पिता ने उसकी सीढ़ियां चढ़ने की पूरी प्रक्रिया का वीडियो रिकॉर्ड किया। इसके साथ जरूरी दस्तावेज भी रिकॉर्ड दर्ज करने वाली संस्था को भेजे गए। संस्था ने वीडियो और सभी तथ्यों की जांच करने के बाद रियांस के प्रदर्शन को सही पाया और उसकी उपलब्धि को आधिकारिक रूप से मान्यता देते हुए उसे नोबल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स का प्रमाणपत्र प्रदान किया।

परिवार में खुशी का माहौल

रियांस की इस बड़ी सफलता से पूरा परिवार बेहद खुश है। परिजनों का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की इस उपलब्धि पर गर्व है और वे आगे भी उसकी प्रतिभा को निखारने के लिए उसे पूरा सहयोग देंगे।

मुख्यमंत्री ने भी दी बधाई

रियांस की इस उपलब्धि की चर्चा राज्यभर में हो रही है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी इस नन्हे बच्चे को उसकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इतनी छोटी उम्र में हासिल की गई यह उपलब्धि न सिर्फ रियांस के परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह दिखाती है कि सही प्रोत्साहन और देखभाल मिलने पर बच्चों की प्रतिभा बहुत कम उम्र में भी सामने आ सकती है।

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