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Madhya Pradesh में ‘तबादला-फैक्ट्री‘ की 100 की स्पीड : Jitu Patwari

भोपालः मध्य प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर हो रहे बदलाव को लेकर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने तंज कसा है और कहा है कि राज्य में तबादला-फैक्ट्री की 100 की स्पीड है। पटवारी ने सोमवार को एक्स पर लिखा, ‘मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार के 100 दिन होने वाले हैं! शुरुआत के 100 दिनों में ही ‘तबादला-फैक्ट्री‘ 100 की स्पीड से दौड़ने लगी है और कहीं हो न हो, इस मामले में मध्यप्रदेश ‘आत्मनिर्भर‘ हो चुका है! रविवार को फिर 6 आईएएस और 2 आईपीएस के ट्रांसफर किए गए। मसला यह बिल्कुल नहीं है कि ट्रांसफर क्यों किए गए? सवाल सिर्फ यह है कि ट्रांसफर को लेकर जिस तरह का दबाव हो रहा है, ऐसा पहले नहीं था।‘

पटवारी ने आगे लिखा, ‘मैं फिर दोहरा रहा हूं, सरकार के सूत्र ही बता रहे हैं कि सचिवालय में घूम रहे ‘‘कोर्डिनेटर्स’’ में ‘‘किंग’’ बनने का खुला कम्पटीशन चल रहा है। फिलहाल सभी को राहत इस बात से बहुत ज्यादा है कि सभी की सुनवाई भी हो रही है! लोकसभा चुनाव आचार संहिता की आड़ में सारे भाजपाई तबादला करवाने में लग गए हैं। जिलों से सिफारिश कर संभाग तक आई सूची को ग्वालियर, चंबल, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, सागर, रीवा, शहडोल, जबलपुर में अंतिम रूप दिया जा रहा है।‘

पटवारी ने आगे लिखा कि जिला और शहर के अध्यक्षों के साथ-साथ, छोटे-बड़े नेताओं के प्रस्ताव भोपाल भेजे जा रहे हैं! ‘सौदागर‘ मंत्रियों के चक्कर भी काट रहे हैं! कई विधायकों ने संगठन के माध्यम से भी अपने नामों की सूची सीधे सीएम को भेज दी है। सभी का एक ही लक्ष्य है किसी भी तरह से जुगाड़-जरिया लगाकर, शुद्ध लाभ के इस धंधे को चुनाव पूर्व वसूली का माध्यम भी बना लिया जाए!

“मोदी की गारंटी” पूरी हो या नहीं, लेकिन यह कार्य “मोदी की गारंटी” की तरह, पूरी ईमानदारी से पूरा किया जा रहा है! न कोई अंतर्विरोध, न किसी तरह का मनमुटाव! यह आंतरिक एकता, अनुशासन की भी नई मिसाल है! यदि सीएम माेहन यादव सरकार ऐसे ही गजब तालमेल से विकास और विधानसभा चुनाव की घोषणाओं के लिए एकजुट हो जाए, तो जनता और प्रदेश का ज्यादा भला होगा! लेकिन, क्या ऐसा होगा?
 

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