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महाकाल मंदिर में खुदाई के दौरान मिला 1000 साल पुराना शिवलिंग, दर्शन के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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नेशनल डेस्क: महाकालेश्वर मंदिर के परिसर में चल रही टनल निर्माण की खुदाई के दौरान एक प्राचीन शिवलिंग मिला है। पुरातत्व विशेषज्ञों का मानना है कि यह शिवलिंग लगभग 1000 साल पुराना, यानी 11वीं शताब्दी का हो सकता है। जानकारी मिलने के बाद पुजारी मौके पर पहुंचे और मूर्ति की पूजा अर्चना की। इश दौरान श्रद्धालुओं की दर्शन करने के लिए भीड़ उमड़ गई।

पुजारी मौके पर पहुंचे, पूरे विधि-विधान से पूजा की

यह खास खोज बुद्ध पूर्णिमा की सुबह उस समय हुई, जब मंदिर में प्रसिद्ध भस्म आरती चल रही थी। खुदाई कर रहे मजदूरों को जमीन के अंदर अचानक शिवलिंग दिखाई दिया। इसके बाद तुरंत मंदिर समिति और पुजारियों को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुजारी मौके पर पहुंचे और पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। फिलहाल शिवलिंग को उसी स्थान पर सुरक्षित रखा गया है। जैसे ही लोगों को इसके बारे में पता चला, वहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुट गई। लोगों ने जल, फूल और बेलपत्र चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा की।

पुरातत्वविद रमण सोलंकी का बयान 

पुरातत्वविद डॉ. रमण सोलंकी के अनुसार, यह शिवलिंग परमार काल का लगता है। इसकी बनावट और उस पर बने निशान बताते हैं कि यह 11वीं शताब्दी का हो सकता है। शिवलिंग पर कुछ पुराने अक्षर भी दिखाई दे रहे हैं, जो ब्राह्मी लिपि जैसे लगते हैं। साफ-सफाई और जांच के बाद इसके बारे में और जानकारी सामने आएगी।

मंदिर के पुजारी गोपाल शर्मा ने बताया कि उज्जैन, जिसे प्राचीन समय में अवंतिका कहा जाता था, भगवान शिव की नगरी रही है। यहां पहले भी कई बार जमीन के अंदर से पुराने मंदिर और शिवलिंग मिल चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह खोज शुभ संकेत मानी जाती है।

बुद्ध पूर्णिमा के दिन शिवलिंग का मिलना संयोग 

टनल निर्माण का काम देख रहे इंजीनियर स्वर्ण महाजन ने भी इसे खास घटना बताया। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से खुदाई चल रही थी, लेकिन बुद्ध पूर्णिमा और भस्म आरती के समय शिवलिंग का मिलना एक संयोग से ज्यादा खास लगता है। यह टनल आने वाले सिंहस्थ मेले को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है।

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