नेशनल डेस्क: राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में एक नाबालिग से कथित दुष्कर्म और मानव तस्करी से जुड़े मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि जांच अंतिम चरण में है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य सबूतों की जांच के आधार पर कुछ और लोगों की गिरफ्तारी भी हो सकती है।
चार दिनों तक लापता रही नाबालिग
पुलिस जांच के अनुसार, नाबालिग 18 जून को अपने एक सोशल मीडिया मित्र से मिलने के लिए श्रीगंगानगर से करीब 100 किलोमीटर दूर विजयनगर गई थी। वहीं उसके साथ कथित रूप से पहला अपराध हुआ। इसके बाद वह बस से वापस श्रीगंगानगर पहुंची, लेकिन घर जाने के बजाय कुछ लोगों के संपर्क में आ गई, जांच में सामने आया है कि 18 जून की रात से 22 जून तक उसे अलग-अलग होटलों में रखा गया। इस दौरान बच्ची के साथ 32 लोगों ने रेप किया। बच्ची ने एफआईआर में बताया कि जब बच्ची लगातार दरिंदों की हवस का शिकार हो रही थी तो वह दर्द से तड़पने लगती थी। इस दौरान हवस के भूखे भेड़िए जबरदस्ती शराब पिला देते थे कि उसके साथ रेप किया जा सके।
मां की शिकायत के बाद तेज हुई जांच
जब नाबालिग कई दिनों तक घर नहीं लौटी तो उसके परिवार ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उसकी तलाश की। 22 जून तक कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसकी मां ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शिकायत मिलने से पहले ही उन्हें मामले की जानकारी मिल चुकी थी और जांच के दौरान नाबालिग को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। इसके बाद उसे आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद बाल संरक्षण से जुड़ी एजेंसियों और उसके परिवार के सुपुर्द किया गया।
कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पीड़िता की शिकायत के आधार पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट, जुवेनाइल जस्टिस एक्ट, मानव तस्करी और देह व्यापार से संबंधित कानूनों सहित कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में की जा रही है।
18 आरोपी गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, अब तक 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आया युवक, एक रिक्शा चालक और अन्य कई लोग शामिल हैं। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जांच एजेंसियां होटलों के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि इस आधार पर जल्द ही तीन से चार और लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है।
होटलों पर प्रशासन की कार्रवाई
जांच के दौरान जिन तीन होटलों का नाम सामने आया, वहां प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण पर बुलडोजर चलाया। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में विरोध प्रदर्शन
घटना सामने आने के बाद श्रीगंगानगर में लोगों में भारी आक्रोश है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन कर आरोपियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा देने की मांग की है। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
विशेषज्ञों ने दी मानसिक सहायता की सलाह
मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की दर्दनाक घटनाओं का असर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर लंबे समय तक रह सकता है। ऐसे मामलों में पीड़ित को परिवार का सहयोग, मनोवैज्ञानिक परामर्श और जरूरत पड़ने पर चिकित्सा उपचार उपलब्ध कराना बेहद जरूरी होता है। विशेषज्ञों के अनुसार समय पर काउंसलिंग और देखभाल से बच्चे धीरे-धीरे सामान्य जीवन की ओर लौट सकते हैं।

