
नेशनल डेस्क: केरलम के कन्नूर जिले के एक अस्पताल में एनेस्थीसिया दिए जाने के कारण 18 महीने के बच्चे की जान चली गई। परिवार के मेडिकल नेग्लिजेंस का आरोप लगाने के बाद पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
टी. सूरज और विजीशा का इकलौता बेटा देवांश शौर्य घर बाहर खेल रहा था। खेलते-खेलते देवांश गिर गया और उसके होंठ पर कट लग गया। बच्चे को पहले इलाज के लिए माथामंगलम के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। इसके बाद उसे पयन्नूर स्थित बेबी मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया, जहां एनेस्थीसिया देकर उसके घाव पर टांके लगाए गए। परिवार का आरोप है कि एनेस्थीसिया देने के बाद बच्चा होश में ही नहीं आया। हालत ज्यादा खराब होने पर देवांश को कन्नूर के बेबी मेमोरियल अस्पताल में रेफर किया गया, जहां शुक्रवार रात करीब 9 बजे उसने दम तोड़ दिया।
अस्पताल ने आरोपों को किया खारिज
परिवार वालों ने डॉक्टर अंजलि पोडुवल पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिवार के शिकायत करने पर पुलिस ने डॉक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 के तहत केस दर्ज कर लिया है, जो किसी के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने से संबंधित है। इसमें तीन महीने की कैद भी हो सकती है। बेबी मेमोरियल अस्पताल ने परिवार के आरोपों को खारिज किया है। अस्पताल की शाखाएं कोझिकोड, कन्नूर, थोडुपुझा, पयन्नूर और वटकारा में हैं। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि एनेस्थीसिया दिए जाने के तुरंत बाद बच्चे को अप्रत्याशित रूप से कार्डियक अरेस्ट आ गया था। इसके बाद उसे तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया और बेहतर व एडवांस क्रिटिकल केयर के लिए कन्नूर स्थित अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। इलाज के दौरान सभी स्वीकृत मेडिकल प्रोटोकॉल का पूरी तरह से पालन किया गया था। अस्पताल ने इस बात पर जोर दिया है कि उनकी मेडिकल टीम की ओर से बच्चे की जान बचाने के लिए हर संभव चिकित्सकीय प्रयास किया गया था।