Last Updated: October 6, 2026

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नमो भारत कॉरिडोर के 21 स्टेशनों को मिलेंगे ब्रांड नाम, कंपनियों का प्रचार और NCRTC को होगी कमाई

May 8, 2026

नमो भारत कॉरिडोर के 21 स्टेशनों को मिलेंगे ब्रांड नाम, कंपनियों का प्रचार और NCRTC को होगी कमाई

नेशनल डेस्क: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर पर अब यात्रियों को कुछ स्टेशनों के नाम नए अंदाज में सुनाई दे सकते हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने कॉरिडोर के 21 स्टेशनों के लिए सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत निजी कंपनियां किसी स्टेशन के नाम के साथ अपना ब्रांड जोड़ सकेंगी। इस योजना का मकसद एक तरफ कंपनियों को बड़े स्तर पर प्रचार का मौका देना है। वहीं दूसरी तरफ एनसीआरटीसी अपनी अतिरिक्त आय बढ़ाना चाहता है ताकि भविष्य की परियोजनाओं को आर्थिक मजबूती मिल सके।

क्या है सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग योजना?

इस योजना के तहत कोई कंपनी किसी स्टेशन के आधिकारिक नाम के साथ अपना ब्रांड जोड़ सकेगी। उदाहरण के तौर पर स्टेशन का मूल नाम बना रहेगा, लेकिन उसके साथ कंपनी का नाम भी इस्तेमाल किया जाएगा। यही नाम ट्रेनों की अनाउंसमेंट, स्टेशन डिस्प्ले और मैप में दिखाई देगा। कंपनियों को केवल नाम जोड़ने का अधिकार ही नहीं मिलेगा, बल्कि स्टेशन परिसर में बड़े स्तर पर ब्रांडिंग करने का अवसर भी दिया जाएगा। इसमें स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार, कॉनकोर्स एरिया, प्लेटफॉर्म, स्टेशन के बाहरी पिलर, स्टेशन मैप और साइनेज, कियोस्क लगाने की सुविधा शामिल हैं। इससे कंपनियां सीधे यात्रियों और आसपास गुजरने वाले लोगों तक अपनी पहुंच बना सकेंगी।

क्यों खास है यह योजना?

NCRTC के मुताबिक, नमो भारत कॉरिडोर पर अब तक 3 करोड़ से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं। ऐसे में यहां ब्रांडिंग करने वाली कंपनियों को हर दिन लाखों लोगों तक पहुंचने का मौका मिलेगा। अधिकांश स्टेशन घनी आबादी वाले इलाकों, बाजारों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास स्थित हैं। इसलिए विज्ञापन और ब्रांड प्रमोशन के लिहाज से ये स्थान काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

लाइसेंस कितने समय के लिए मिलेगा?

निविदा के अनुसार, कंपनियों को शुरुआती तौर पर 10 साल के लिए सेमी-नेमिंग और को-ब्रांडिंग अधिकार दिए जाएंगे। बाद में आपसी सहमति से इसे 5 साल तक और बढ़ाया जा सकता है यानी कोई ब्रांड लंबे समय तक स्टेशन से जुड़ा रह सकता है।

किन स्टेशनों को शामिल किया गया है?

इस योजना में दिल्ली से मेरठ तक के 21 स्टेशनों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख स्टेशन सराय काले खां स्टेशन, न्यू अशोक नगर स्टेशन, आनंद विहार स्टेशन, साहिबाबाद स्टेशन, गाजियाबाद स्टेशन, दुहाई स्टेशन, मुरादनगर स्टेशन, मोदीनगर साउथ स्टेशन, मोदीनगर नॉर्थ स्टेशन, मेरठ साउथ स्टेशन, परतापुर स्टेशन, रिठानी स्टेशन, शताब्दी नगर स्टेशन,
ब्रह्मपुरी स्टेशन, मेरठ सेंट्रल स्टेशन, भैसाली स्टेशन, बेगमपुल स्टेशन, एमईएस कॉलोनी स्टेशन, डौरली स्टेशन, मेरठ नॉर्थ स्टेशन और मोदीपुरम स्टेशन हैं।

किस स्टेशन के लिए कितनी सिक्योरिटी राशि तय?

एनसीआरटीसी ने प्रत्येक स्टेशन के लिए अलग-अलग सिक्योरिटी राशि तय की है। प्रमुख स्टेशनों की राशि इस प्रकार है…

स्टेशन                              सिक्योरिटी राशि
सराय काले खां                    ₹9.80 लाख
आनंद विहार                       ₹8.60 लाख
गाजियाबाद                         ₹7.40 लाख
न्यू अशोक नगर                   ₹6.10 लाख
शताब्दी नगर                       ₹5.80 लाख
बेगमपुल                              ₹5.80 लाख
मोदीपुरम                            ₹5.50 लाख
मेरठ साउथ                         ₹3.70 लाख
परतापुर                              ₹3.10 लाख
रिठानी                               ₹3.10 लाख
शताब्दी नगर                      ₹5.80 लाख
ब्रह्मपुरी                              ₹3.10 लाख
मेरठ सेंट्रल                        ₹3.10 लाख
भैसाली                             ₹3.10 लाख
बेगमपुल                           ₹5.80 लाख
एमईएस कॉलोनी              ₹3.10 लाख
डौरली                              ₹3.10 लाख
मेरठ नॉर्थ                         ₹3.10 लाख
मोदीपुरम                         ₹5.50 लाख

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