Last Updated: September 24, 2026

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपए मंजूर

August 1, 2026

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपए मंजूर

नई दिल्ली : सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) योजना को 2030-31 तक बढ़ाने के साथ ही योजना के लिए 3.15 लाख करोड़ रुपए के वित्तीय परिव्यय को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मंत्रिमंडल के फैसले में कहा गया है कि किसानों की समृद्धि ही देश की समृद्धि की आधारशिला है और इसी उद्देश्य से पात्र किसान परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से समयबद्ध एवं पारदर्शी आय सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। इससे किसानों को कृषि में निवेश बढ़ाने और आजीविका सुदृढ़ करने में मदद मिल रही है।

उन्होंने कहा कि यह योजना फरवरी 2019 में शुरू की गई थी, जिसके तहत पात्र भू-स्वामी किसान परिवारों को प्रति वर्ष 6,000 रुपए की वित्तीय सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित की जाती है। योजना के तहत अब तक 23 किस्तों के माध्यम से किसानों के खातों में 4.47 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। 23वीं किस्त में 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को 18,984 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता मिली। कोविड-19 महामारी के दौरान 1.71 लाख करोड़ रुपए से अधिक वितरित किए गए। महिला किसानों को 1.06 लाख करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी गई है तथा प्रत्येक 4 लाभार्थियों में लगभग एक महिला किसान है।

नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ) के अध्ययन के अनुसार 92 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों ने सहायता राशि का उपयोग कृषि गतिविधियों एवं कृषि निवेश में किया, जबकि लगभग 85 प्रतिशत लाभार्थियों ने कृषि आय में वृद्धि तथा अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता में कमी की पुष्टि की। सरकार का कहना है कि वर्ष 2020-21 से 2025-26 के दौरान खेती का रकबा लगभग 9.65 प्रतिशत, उत्पादकता 10.53 प्रतिशत तथा कुल खाद्यान्न उत्पादन 21.18 प्रतिशत बढ़ा, जो कृषि क्षेत्र की बढ़ती क्षमता और किसानों को मिल रहे व्यापक समर्थन को दर्शाता है।

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