नेशनल डेस्क। हरियाणा के फरीदाबाद में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक डॉक्टर के किराए के कमरे से भारी मात्रा में आरडीएक्स और हथियार बरामद किए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कमरे से लगभग 300 किलो आरडीएक्स, 2 एके-47 राइफल, 84 कारतूस और कई केमिकल्स मिले हैं। यह पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई थी। जम्मू-कश्मीर पुलिस की एक विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर छापा मारा।
आतंकी संगठन से जुड़ा है मामला
सूत्रों के मुताबिक, यह छापा अंसार गजवत-उल-हिंद (Ansar Ghazwat-ul-Hind – AGH) नामक आतंकी संगठन से जुड़ी जांच का हिस्सा है। जांच में खुलासा हुआ है कि तीन डॉक्टर इस संगठन से जुड़े हुए थे। इनमें से डॉ. आदील अहमद राथर (अनंतनाग निवासी), डॉ. मुज़म्मिल शकील (पुलवामा निवासी) को पुलिस ने सहारनपुर और फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। तीसरा डॉक्टर अभी फरार बताया जा रहा है और उसकी तलाश जारी है।
GMC कॉलेज में नौकरी कर चुका था आदील
डॉ. आदील अहमद राथर पहले अनंतनाग मेडिकल कॉलेज (GMC) में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में काम करता था। हाल ही में उसके नाम पर एक और बड़ा खुलासा हुआ था-पुलिस ने GMC कॉलेज में अदील के निजी लॉकर से एक AK-47 राइफल बरामद की थी। यह कार्रवाई जॉइंट इंटरोगेशन सेंटर (JIC) अनंतनाग की मदद से की गई थी। अदील ने 24 अक्टूबर 2024 को अपनी नौकरी छोड़ दी थी, जिसके बाद वह संदिग्ध गतिविधियों में शामिल पाया गया।
जांच में सामने आया ये मामला
पुलिस और खुफिया एजेंसियों का मानना है कि अदील और उसके साथी डॉक्टर आतंकवादी संगठन अंसार गजवत-उल-हिंद के नेटवर्क को फिर से सक्रिय करने की कोशिश कर रहे थे। यह संगठन 2017 में हिजबुल मुजाहिदीन के पूर्व कमांडर जाकिर मूसा ने बनाया था। इसका उद्देश्य कश्मीर में शरिया कानून लागू करना और भारत के खिलाफ जिहाद छेड़ना बताया गया है।
300 किलो आरडीएक्स कहां से आया?
अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में आरडीएक्स और हथियार फरीदाबाद तक कैसे पहुंचे। साथ ही, एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि इन डॉक्टरों की आतंकी नेटवर्क में क्या भूमिका थी, क्या वे सिर्फ सप्लाई में मदद कर रहे थे या सीधे आतंकी गतिविधियों में शामिल थे।
कई राज्यों तक फैल सकता है नेटवर्क
प्रारंभिक जांच में यह शक जताया गया है कि इस नेटवर्क के कई राज्य जैसे जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा से तार जुड़े हो सकते हैं। जांच एजेंसियां फिलहाल इस पूरे आतंकी मॉड्यूल के कनेक्शन और फंडिंग के स्रोत की तहकीकात कर रही हैं।
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