नई दिल्ली [भारत]: पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को एक प्रेस रिलीज़ में बताया कि पश्चिम एशिया संकट को देखते हुए, केंद्र सरकार प्रमुख क्षेत्रों में तैयारियों और सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी कदम उठा रही है; इसी क्रम में, LPG की कालाबाज़ारी को खत्म करने के लिए पूरे देश में 3700 जगहों पर छापे मारे गए हैं।
मंत्रालय ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की मौजूदा स्थिति को देखते हुए, सरकार पूरे देश में पेट्रोलियम उत्पादों और LPG की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है।
मंत्रालय ने बताया कि भारत में सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (PSU OMCs) के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जमाखोरी या कालाबाज़ारी की किसी भी घटना को रोकने के लिए अचानक निरीक्षण (surprise inspection) की व्यवस्था को और मज़बूत करें। PSU OMCs ने अब तक LPG वितरकों को 1000 ‘कारण बताओ नोटिस’ (show cause notices) जारी किए हैं। इसके अलावा, प्रेस रिलीज़ में बताया गया है कि अब तक 27 LPG वितरकों का लाइसेंस निलंबित किया जा चुका है।
मंत्रालय ने कहा कि पेट्रोल, डीज़ल और LPG की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, और नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे पेट्रोलियम उत्पादों की घबराहट में खरीदारी (panic purchase) करने और LPG की अनावश्यक बुकिंग करने से बचें।
नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अफवाहों से सावधान रहें और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग करें और जब तक बहुत ज़रूरी न हो, LPG वितरकों के पास जाने से बचें। उनसे आग्रह किया गया है कि जहाँ भी संभव हो, वे PNG, इंडक्शन और इलेक्ट्रिक कुकटॉप जैसे वैकल्पिक ईंधनों का उपयोग करें।
नागरिकों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे अपने दैनिक उपयोग में ऊर्जा बचाने के लिए ज़रूरी प्रयास करें।
प्रेस रिलीज़ में कहा गया है, “युद्ध जैसी इस स्थिति के बावजूद, सरकार ने घरेलू LPG और PNG को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, साथ ही अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को भी उच्च प्राथमिकता दी है।” इसमें आगे कहा गया है कि सरकार ने आपूर्ति और मांग, दोनों ही पक्षों पर पहले ही कई युक्तिकरण उपाय (rationalisation measures) लागू कर दिए हैं।
LPG की मांग पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधन के विकल्प पेश किए गए हैं। कोयला मंत्रालय ने पहले ही कोल इंडिया और सिंगारेनी कोलियरीज को आदेश जारी कर दिया है कि वे राज्यों को कोयले की ज़्यादा मात्रा आवंटित करें, ताकि छोटे, मध्यम और अन्य उपभोक्ताओं तक कोयला पहुंचाया जा सके।
राज्यों को सलाह दी गई है कि वे घरेलू और कमर्शियल, दोनों तरह के उपभोक्ताओं के लिए नए PNG कनेक्शन उपलब्ध कराने में मदद करें।
आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 और LPG नियंत्रण आदेश, 2000 के तहत, राज्य सरकारों को जमाखोरी और कालाबाज़ारी के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है।
बयान में कहा गया है कि LPG की जमाखोरी और कालाबाज़ारी पर रोक लगाने के लिए कई राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लगातार छापे मारे जा रहे हैं। बयान में कहा गया है, “कल 3700 से ज़्यादा छापे मारे गए।”
बयान में यह भी कहा गया है कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात की वजह से LPG की सप्लाई पर असर पड़ा है, लेकिन किसी भी LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप में स्टॉक खत्म होने की कोई खबर नहीं है।
बयान में कहा गया है, “कल पूरे उद्योग के स्तर पर ऑनलाइन LPG सिलेंडर बुकिंग बढ़कर 95% हो गई। डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर हेराफेरी रोकने के लिए, डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) आधारित डिलीवरी को 53% (फरवरी-2026) से बढ़ाकर कल 89% कर दिया गया। कल लगभग 51 लाख घरेलू LPG सिलेंडरों की डिलीवरी की गई।”
केंद्र सरकार ने भारत में पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स सहित रिफाइनिंग कंपनियों को यह अनुमति दी है कि वे फार्मास्यूटिकल्स विभाग, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, रसायन एवं पेट्रोकेमिकल विभाग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए C3 और C4 स्ट्रीम की एक निश्चित न्यूनतम मात्रा उपलब्ध कराएं।
यह मात्रा और रिफाइनरी का स्रोत, सेंटर फॉर हाई टेक्नोलॉजी (CHT) द्वारा तय किया जाएगा। केंद्र सरकार ने कुल कमर्शियल आवंटन को संकट से पहले के स्तर के 70% तक सीमित करने का भी फैसला किया है, जिसमें 10% सुधार-आधारित आवंटन भी शामिल है। बयान में कहा गया है, “कल 71,000 से ज़्यादा 5 किलोग्राम वाले FTL सिलेंडर बेचे गए। 23 मार्च से अब तक लगभग 5.7 लाख 5 किलोग्राम वाले FTL सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।”
“5 किलोग्राम वाले FTL सिलेंडर आस-पास की LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर उपलब्ध हैं और इन्हें कोई भी वैध पहचान पत्र दिखाकर खरीदा जा सकता है। इसके लिए पते के प्रमाण की कोई ज़रूरत नहीं है,” बयान में कहा गया है। IOCL, HPCL और BPCL के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर्स की तीन-सदस्यीय कमेटी ने राज्य के अधिकारियों और इंडस्ट्री निकायों से सलाह-मशविरा करके राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल LPG की बिक्री की योजना को अंतिम रूप दिया है। विज्ञप्ति में बताया गया है कि 14 मार्च से अब तक कुल 72,047 MT कमर्शियल LPG बेची जा चुकी है।
मार्च 2026 से अब तक 3.5 लाख से ज़्यादा PNG कनेक्शनों में गैस सप्लाई शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा, 3.8 लाख से ज़्यादा ग्राहकों ने नए कनेक्शनों के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है।बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय ने इस क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ज़रूरी कदम उठाए हैं। विज्ञप्ति के अनुसार, LPG जहाज ‘ग्रीन सांवरी’ 46,650 MT LPG कार्गो और 25 नाविकों को लेकर सुरक्षित रूप से ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़’ से गुज़र गया है।
पश्चिमी फ़ारसी खाड़ी क्षेत्र में कुल 17 भारतीय-ध्वज वाले जहाज, जिनमें 460 भारतीय नाविक सवार हैं, अभी भी मौजूद हैं; जहाजरानी महानिदेशालय (DG Shipping), जहाज मालिकों, RPSL एजेंसियों और भारतीय मिशनों के साथ समन्वय स्थापित करके स्थिति पर लगातार नज़र रखे हुए है।
DG Shipping ने अब तक 1,320 से ज़्यादा भारतीय नाविकों की सुरक्षित वतन वापसी में मदद की है, जिनमें से 190 नाविक पिछले 24 घंटों के दौरान खाड़ी क्षेत्र के विभिन्न हवाई अड्डों और अन्य जगहों से वापस लौटे हैं।
विज्ञप्ति में बताया गया है कि पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है और कहीं भी भीड़भाड़ या रुकावट की कोई ख़बर नहीं है।

