नेशनल डेस्क: आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम शहर से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। यहां कथित रूप से मिलावटी दूध पीने के बाद चार लोगों की मौत हो गई। इस घटना की पुष्टि पूर्वी गोदावरी जिला प्रशासन ने की है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की शुरुआती जांच में सामने आया है कि सभी मृतकों ने एक ही स्थानीय विक्रेता से दूध खरीदा था। आशंका जताई जा रही है कि दूध में किसी तरह की खतरनाक मिलावट की गई थी, जिसके कारण पीड़ितों में पेशाब न आना और किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याएं पैदा हो गईं।
डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस वाई. श्रीकांत के मुताबिक, पिछले दो दिनों में अवैध रूप से दूध बेचने वाले एक विक्रेता द्वारा सप्लाई किए गए दूध का सेवन करने के बाद चार लोगों की जान चली गई। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है और दूध के सैंपल लैब में भेजे गए हैं।
भारत में दूध की बड़ी खपत
भारत में दूध रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। सुबह की चाय, बच्चों के लिए दूध, दही, पनीर, खीर और कई अन्य व्यंजनों में इसका इस्तेमाल होता है। ऐसे में दूध की शुद्धता को लेकर बढ़ती शिकायतें चिंता का विषय हैं। कई बार दूध में पानी, सिंथेटिक केमिकल, स्टार्च, डिटर्जेंट या यूरिया जैसी चीजें मिलाकर उसकी मात्रा बढ़ाई जाती है। इससे दूध का पोषण मूल्य घट जाता है और सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है, खासकर बच्चों और बुजुर्गों पर। खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञों और Food Safety and Standards Authority of India (एफएसएसएआई) का कहना है कि कुछ आसान घरेलू तरीकों से दूध में मिलावट की शुरुआती जांच की जा सकती है।
घर पर ऐसे करें मिलावट की पहचान
1. पानी की मिलावट की जांच
एक साफ स्टील की प्लेट या कांच की चिकनी सतह पर दूध की एक बूंद डालें। अगर दूध शुद्ध है तो वह धीरे-धीरे नीचे की ओर बहेगा और पीछे सफेद लकीर छोड़ जाएगा। यदि उसमें पानी मिला है तो वह तेजी से बह जाएगा और कोई गाढ़ा निशान नहीं छोड़ेगा।
2. उबालकर करें जांच
दूध को उबालकर ठंडा होने दें। शुद्ध दूध पर सामान्य तौर पर मलाई की पतली परत जमती है। अगर दूध में ज्यादा मिलावट है तो वह असामान्य रूप से ज्यादा झाग बना सकता है, जल्दी उफन सकता है या मलाई बहुत कम जम सकती है।
3. डिटर्जेंट की पहचान
एक बोतल में बराबर मात्रा में दूध और पानी मिलाकर जोर से हिलाएं। यदि हल्का झाग बने और जल्दी बैठ जाए तो दूध सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर गाढ़ा झाग बने और लंबे समय तक बना रहे तो डिटर्जेंट या सिंथेटिक मिलावट की आशंका हो सकती है।
4. स्टार्च की जांच
उबले और ठंडे दूध में आयोडीन की दो-तीन बूंदें डालें। अगर दूध का रंग नीला पड़ जाए तो इसमें स्टार्च मिलाया गया हो सकता है।
5. यूरिया की जांच
बराबर मात्रा में दूध और पानी मिलाकर उसमें लाल लिटमस पेपर डालें। अगर पेपर का रंग नीला हो जाए तो यूरिया की मौजूदगी की संभावना हो सकती है।
क्या करें अगर मिलावट का शक हो?
अगर दूध में मिलावट की आशंका हो तो हमेशा लाइसेंसधारी डेयरी या भरोसेमंद ब्रांड से ही दूध खरीदें। पैकेट पर वैध एफएसएसएआई लाइसेंस नंबर जरूर जांचें। यदि घरेलू जांच में गड़बड़ी का संकेत मिले तो संबंधित विभाग या एफएसएसएआई के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। यह घटना एक बार फिर से याद दिलाती है कि खाने-पीने की चीजों में मिलावट सिर्फ धोखाधड़ी नहीं, बल्कि लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा है। प्रशासन की सख्त कार्रवाई और उपभोक्ताओं की सतर्कता ही ऐसी घटनाओं को रोक सकती है।
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