5 cases of dengue one patient from abroad : करनाल। मानसून के साथ मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। जिले में डेंगू के पांच और मलेरिया के छह नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। इनमें एक डेंगू मरीज विदेश से लौटकर आया है। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी तेज कर दी है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
जांच चुके 86609 ब्लड स्लाइड
सर्जन डॉ. पूनम चौधरी द्वारा साझा की गई विशेष जानकारी के अनुसार जिले में अब तक मच्छरों से जनित बीमारियों के कई मामले सामने आ चुके हैं। करनाल में अब तक मलेरिया से पीड़ित 6 मरीज मिल चुके हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इन मरीजों में से एक पीड़ित हाल ही में युगांडा से लौटकर आया था। मलेरिया की समय पर पहचान के लिए विभाग अब तक 86,609 ब्लड स्लाइड की जांच कर चुका है। जिले में डेंगू के संदिग्ध 5,535 मरीजों के सैंपल जांचे गए हैं, जिनमें से 5 केस पॉजिटिव पाए गए हैं।
लापरवाही पर विभाग से नोटिस
मच्छरों के प्रसार को रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग की 166 टीमें मुस्तैदी से घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं। 6 लाख से अधिक घरों की जांच: इन टीमों ने अब तक जिले के 6 लाख 87 हजार घरों का दौरा कर मच्छरों के लार्वे की सघन जांच की है। इस जांच अभियान के दौरान 1,181 घरों में डेंगू का लार्वा पनपता हुआ पाया गया। जिन घरों में लार्वा मिला, उनमें से 482 लोगों को विभाग द्वारा सख्त नोटिस जारी किए गए हैं ताकि लोग अपने आसपास पानी जमा न होने दें।
यमुना तटीय क्षेत्रों पर विशेष नजर
सिविल सर्जन ने बताया कि विभाग का विशेष ध्यान यमुना क्षेत्र के गांवों पर है, क्योंकि इन इलाकों में जलभराव और मच्छरों के पनपने की संभावना अधिक होती है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें इन गांवों में लगातार पहुंचकर न केवल जांच कर रही हैं, बल्कि ग्रामीणों को जागरूक भी कर रही हैं कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखें और जलजमाव न होने दें।
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