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Kedarnath Yatra 2026: न घोड़ा न पालकी… 73 साल की दादी ने पैदल पूरी की केदारनाथ यात्रा, हिम्मत और आस्था की बनी मिसाल

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नेशनल डेस्क: महाराष्ट्र की 73 साल की एक बुजुर्ग महिला ने अपनी मजबूत इच्छाशक्ति और भगवान के प्रति गहरी आस्था से सबको प्रभावित किया है। उन्होंने उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ मंदिर की कठिन यात्रा बिना किसी सहारे के पैदल पूरी की। उनकी इस हिम्मत भरी कहानी ने लोगों को चौंका दिया है और यह अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

केदारनाथ धाम तक पहुंचने के लिए करीब 22 किलोमीटर लंबा पहाड़ी रास्ता तय करना पड़ता है। यह यात्रा समुद्र तल से लगभग 11,500 फीट की ऊंचाई पर होती है, जहां ऑक्सीजन कम होती है, मौसम ठंडा रहता है और रास्ता काफी ऊबड़-खाबड़ होता है। ऐसे में यह यात्रा युवा लोगों के लिए भी आसान नहीं होती, लेकिन इस दादी ने बिना थके और बिना रुके इसे पूरा कर दिखाया।

बिना घोड़े-खच्चर-पालकी से पूरी की यात्रा 

आमतौर पर इस कठिन यात्रा के लिए लोग घोड़े, खच्चर, पालकी या हेलीकॉप्टर का सहारा लेते हैं, खासकर बुजुर्ग यात्री। लेकिन इस महिला ने इन सभी सुविधाओं को लेने से मना कर दिया और अपने दम पर पैदल ही यात्रा पूरी करने का फैसला किया। यह उनके आत्मविश्वास, हिम्मत और गहरी श्रद्धा को दिखाता है।

“हर हर महादेव” के जयकारे लगाए 

यात्रा के दौरान कई बार मुश्किलें आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। रास्ते में एक यात्री ने उनसे मदद की पेशकश भी की, लेकिन उन्होंने मुस्कुराते हुए मना कर दिया और आगे बढ़ती रहीं। उनके चेहरे पर थकान की बजाय आत्मविश्वास साफ नजर आ रहा था। वे पूरे रास्ते “हर हर महादेव” और “जय शिवाजी, जय भवानी” के नारे लगाती रहीं, जिससे उनका हौसला और भी मजबूत होता गया।

 

उनकी इस यात्रा का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग उनकी हिम्मत और जज्बे की खूब तारीफ कर रहे हैं और उन्हें प्रेरणा का स्रोत बता रहे हैं। यह कहानी हमें सिखाती है कि अगर इंसान के अंदर सच्ची लगन, आस्था और कुछ करने का जज्बा हो, तो उम्र कभी भी बाधा नहीं बनती।

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