कुरुक्षेत्र: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस बार 10वां अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र में 15 नवंबर से शुरू हो रहा है और 5 दिसंबर तक चलेगा। पहली बार 21 दिन तक चलने वाले इस महोत्सव में संस्कृति, ज्ञान और आध्यात्मिकता का अलग ही संगम देखने को मिलेगा। हमारे लिए बड़े ही गर्व और गौरव की बात है कि इस बार 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में शामिल होने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र 48 कोस की परिधि में फैला है। इस क्षेत्र में अनेक तीर्थ हैं। कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा 182 तीर्थों की पहचान की जा चुकी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शुक्रवार को बह्रमसरोवर के श्री सर्वेश्वर महादेव मंदिर परिसर में पत्रकारों को प्रेस वार्ता में संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बडोली, सांसद नवीन जिंदल, हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज यहां परम पूज्य गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज भी विराजमान हैं। स्वामी ज्ञानानंद महाराज प्रेम और सद्भाव की प्रतिमूर्ति हैं तथा अपनी सहज, सरल और मधुर वाणी से देश-विदेश में गीता और श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से मानव को आचार, विचार एवं व्यवहार के बारे में सीख दे रहे हैं। इनकी ही प्रेरणा और प्रयासों से मॉरीशस, ब्रिटेन, कनाडा, आस्ट्रेलिया और जापान समेत अन्य देशों में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का भव्य आयोजन हो चुका है।
इसके साथ ही कुरुक्षेत्र में हर साल आयोजित होने वाले अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के सफल आयोजन में स्वामी ज्ञानानंद महाराज की सक्रिय भागीदारी और मार्गदर्शन रहता है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हमारी धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र की इस पावन भूमि को भारतीय संस्कृति की क्रीड़ा स्थली होने का गौरव प्राप्त है। इसी भूमि में पावन सरस्वती के तटों पर वेदों, उपनिषदों और पुराणों की रचना हुई और इसी भूमि को श्रीमद्भगवद्गीता की जन्मस्थली होने का विशेष सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि कुरुक्षेत्र की युद्धभूमि में मोह ग्रस्त अजरुन को भगवान श्रीकृष्ण के मुखारविंद से श्रीमद्भगवद्गीता का जो शाश्वत उपदेश दिया गया था, इस वर्ष इस उपदेश को दिए हुए 5,163 वर्ष हो जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में कुरुक्षेत्र आगमन के दौरान कहा था कि कुरुक्षेत्र को गीता स्थली के रूप में पहचान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
उनसे प्रेरणा प्राप्त कर गीता महोत्सव को कुरुक्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मनाने की शुरूआत वर्ष 2016 में की थी,तब से अब तक पिछले 9 वर्षों से इस महोत्सव को अपार सफलता और लोकप्रियता मिली है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह महोत्सव भारत देश की सीमाओं से भी बाहर विदेशों में मनाया जाने लगा है। पहली बार वर्ष 2019 में यह महोत्सव देश से बाहर मॉरीशस तथा लंदन में भी मनाया गया। इसके बाद यह यूनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका एवं इंडोनेशिया में आयोजित किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि गीता की जन्मस्थली धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र में हर साल अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। इसलिए हर साल प्रबंध भी व्यापक स्तर पर किये जाते हैं।
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मेष: दिन शुभ रहेगा...