नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि उनकी सरकार वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए पूरे वर्ष, सप्ताह के सातों दिन निरंतर कार्य कर रही है। इसके लिए तात्कालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनाकर उन्हें जमीन पर उतारा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदूषण के विरुद्ध यह संघर्ष लंबा है, इसलिए सभी विभागों को समन्वय के साथ ठोस रणनीति पर काम करने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्र सरकार के मार्गदर्शन और सहयोग से दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए स्पष्ट और समयबद्ध योजना लागू की जा रही है।
मुख्यमंत्री ने दिल्ली सचिवालय में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में मंत्रियों, मुख्य सचिव तथा परिवहन, पर्यावरण, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, यातायात पुलिस और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार समयसीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। सरकार ने अगले चार वर्षों में सूक्ष्म कण प्रदूषण के स्तर में उल्लेखनीय कमी लाने का लक्ष्य तय किया है। इसके अंतर्गत वर्ष 2029 तक दिल्ली में बसों की संख्या बढ़ाकर चौदह हजार की जाएगी।
इनमें छोटी बसें भी शामिल होंगी, जिससे अंतिम छोर तक आवागमन की सुविधा मजबूत होगी। विद्युत चालित वाहनों को बढ़ावा देने के लिए दोपहिया और व्यावसायिक वाहनों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है तथा चाजिर्ंग केंद्रों की संख्या में कई गुना वृद्धि की जाएगी। यातायात जाम से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए 62 भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सुधार कार्य किए जा रहे हैं। भूमिगत रेल और क्षेत्रीय तीव्र परिवहन प्रणाली के विस्तार से निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी।
सड़क की धूल को नियंत्रित करने के लिए मशीनीकृत सफाई और पानी के छिड़काव की व्यवस्था लागू की गई है। कूड़ा निपटान स्थलों की सफाई, औद्योगिक प्रदूषण पर सख्ती, बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण, निर्माण अपशिष्ट नियंत्रण, सुव्यवस्थित वाहन पाकिर्ंग और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर तकनीकी निगरानी भी योजना का हिस्सा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ दिल्ली के लिए सरकार के साथ नागरिकों की भागीदारी भी अत्यंत आवश्यक है।
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