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एक चाय बेचने वाला बना मेयर, भाजपा के जीववर्धन चौहान ने दर्ज की ऐतिहासिक जीत

A tea seller became mayor: छत्तीसगढ़ में विधानसभा तथा लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को शिकस्त देने के बाद नगर निकाय चुनावों में भी भाजपा ने सूपड़ा साफ करते हुए महापौर के सभी 10 पदों पर जीत हासिल की। राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि भाजपा ने सभी 10 नगर निगमों में महापौर पद तथा 35 नगर पालिका परिषदों और 81 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। राज्य के 10 नगर निगमों, 49 नगर पालिका परिषदों और 114 नगर पंचायतों में हुए आम चुनावों के लिए शनिवार को मतगणना जारी है।

अधिकारियों ने बताया कि 8 नगर पालिका परिषदों और 22 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर विपक्षी दल कांग्रेस ने जीत दर्ज की जबकि आप ने एक नगर पालिका परिषद और बसपा ने एक नगर पंचायत में अध्यक्ष पद पर जीत हासिल की है। अधिकारियों ने बताया कि 5 नगर पालिका परिषदों और 10 नगर पंचायतों में अध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने अपना कब्जा जमाया। उन्होंने बताया कि रुझानों के अनुसार भाजपा अधिकांश वार्डो में जीत चुकी है या आगे है। नगर निकाय चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इसे ऐतिहासिक दिन करार दिया और कहा कि यह छत्तीसगढ़ के राजनीतिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस ने महापौर पद का अप्रत्यक्ष चुनाव (पिछली बार 2019-2020 में) कराकर लोकतंत्र की हत्या की है। कांग्रेस उम्मीदवार जो अप्रत्यक्ष चुनाव (कांग्रेस नेता ऐजाज ढेबर का जिक्र करते हुए) के जरिए (रायपुर के) महापौर बने थे, इस बार रायपुर के एक वार्ड से पार्षद का चुनाव हार गए हैं।’ साय ने कहा कि रायगढ़ नगर निगम में पार्टी ने महापौर पद के लिए चाय बेचने वाले जीववर्धन चौहान को मैदान में उतारा था और उन्होंने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। पिछले (2019-2020) नगर निकाय चुनावों में राज्य में तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस ने इन सभी 10 नगर निगमों में महापौर पदों पर कब्जा किया था।

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