नेशनल डेस्क: राजस्थान के कोटा शहर में शनिवार देर रात एक बड़ा और बेहद दर्दनाक हादसा हो गया। जवाहर नगर थाना क्षेत्र में स्थित एक तीन मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। पलभर में पूरी बिल्डिंग मलबे में तब्दील हो गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
इस हादसे में मलबे के नीचे दबकर दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और कई अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें मौके पर पहुंच गईं। देर रात से लेकर अगले दिन तक लगातार राहत और बचाव कार्य चलाया गया, क्योंकि आशंका जताई जा रही थी कि मलबे में और लोग फंसे हो सकते हैं।
कोटा के डिविजनल कमिश्नर अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि अब तक दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 13 लोग घायल हुए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इमारत के ऊपर कुछ निर्माण कार्य चल रहा था, जो अचानक गिर गया। यह हादसा निर्माण में लापरवाही या खराब गुणवत्ता के कारण हो सकता है।
स्थानीय लोगों ने भी बताया कि आसपास ड्रिलिंग का काम चल रहा था, जिसकी पहले शिकायत की जा चुकी थी। हादसे के सही कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच कराई जाएगी और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी।
राजस्थान के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि मलबे से कुल 15 लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें से दो लोगों की मौत हो चुकी है और बाकी घायलों का इलाज किया गया। अधिकतर लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, लेकिन पांच लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार इस हादसे की जांच के लिए एक समिति बनाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कोटा जिला कलेक्टर पीयूष समारिया ने बताया कि राहत और बचाव कार्य अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फायर विभाग की टीमें मिलकर मलबा हटाने का काम कर रही हैं। अब तक 10 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल भेजा जा चुका है और सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है।
प्रशासन के अनुसार, जिस इमारत में हादसा हुआ, उसकी निचली मंजिल पर एक कैफे या फूड आउटलेट चल रहा था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि पास की एक पुरानी इमारत को तोड़ा जा रहा था, जिससे इस बिल्डिंग की नींव कमजोर हो सकती है। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि हादसे के सभी पहलुओं की जांच की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
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