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Lok Sabha: अखिलेश यादव ने लोकसभा में उठाया सवाल, ‘पहलगाम हमारी खुफिया चूक, इसकी जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा?’

Lok Sabha: समाजवादी पार्टी के प्रमुख और लोकसभा सांसद अखिलेश यादव ने मंगलवार को सदन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा में हिस्सा लिया। उन्होंने पाकिस्तान को जवाब देने के लिए भारतीय सेना की प्रशंसा की। साथ ही, अखिलेश यादव ने पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा और ‘संघर्ष विराम’ जैसे विषयों पर सवाल खड़े किए। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर अखिलेश यादव ने भारतीय सेना का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें गर्व है कि सेना ने अपना ऑपरेशन शुरू किया और पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों को तबाह किया।

सपा प्रमुख ने लोकसभा में कहा, “दुनिया की साहसी फौजों की गिनती में हमारी सेना सबसे आगे दिखाई देगी। हमें सेना के पराक्रम, वीरता और अदम्य शौर्य पर गर्व है। सेना ने न सिर्फ आतंकी ठिकानों को तबाह किया, बल्कि पाकिस्तान के एयरबेस ध्वस्त किए।” ‘संघर्ष विराम’ पर अखिलेश ने सवाल पूछा, “जब हमारी फौज पाकिस्तान को हमेशा के लिए एक पाठ पढ़ा सकती थी, एक ऐसा संदेश जाता कि पाकिस्तान कभी हिम्मत नहीं करता, लेकिन सरकार पीछे कैसे हट गई? आखिर किस दबाव में सरकार ने सीजफायर स्वीकार किया?”

सरकार ने सीजफायर क्यों किया? 

“क्या वजह थी कि सरकार ने दोस्त देश से ही सीजफायर का एलान करवाया?” अखिलेश यादव ने सरकार पर व्यंग्य करते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के वक्त सरकार को सीजफायर का एलान खुद करना चाहिए था, लेकिन उन्होंने अपने मित्र देश से ही यह घोषणा करवा दी। उन्होंने कहा कि सरकार के भीतर टकराव साफ दिखाई देता है। “मुझे कभी-कभी लगता है कि सरकार के इंजन आपस में टकरा रहे हैं, लेकिन पीओके के मुद्दे पर सभी इंजन एक साथ नजर आते हैं। फिर अचानक सरकार पीछे क्यों हट गई?”

 

“दुनिया को मनाने में लगा हूं, मेरा घर रूठा जा रहा है”

अपने भाषण की शुरुआत में अखिलेश यादव ने भाजपा पर व्यंग्य करते हुए कहा – “मैं दुनिया को मनाने में लगा हूं, मेरा घर मुझसे रूठा जा रहा है।” उन्होंने इस पंक्ति के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की कि सरकार बाहरी दुनिया को खुश करने में लगी हुई है, लेकिन देश के अंदर हालात ठीक नहीं हैं। साथ ही उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि भारतीय सेना दुनिया की सबसे बहादुर फौज है और पूरे देश को उस पर गर्व है।

 

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