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अखिलेश यादव ने की केंद्र और यूपी सरकार की आलोचना , कहा, “सरकार को बताना होगा कि उन्होंने लोगों के लिए क्या किया ?”

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने सोमवार को केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकारों की आलोचना की और उनके संयुक्त शासन के 20 वर्षों के बाद जवाबदेही की आवश्यकता पर बल दिया। यादव ने मांग की कि सरकार पिछले दो दशकों के अपने प्रदर्शन का हिसाब दे, विशेष रूप से शिक्षा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में, तथा उन्होंने निवेश आकर्षित करने और राज्य की प्रगति में सुधार लाने में सरकार की सफलता पर सवाल उठाया।

सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘अगर केंद्र सरकार के 11 साल और उत्तर प्रदेश सरकार के करीब 9 साल जोड़ दें तो कुल 20 साल होते हैं। सरकार को 20 साल का हिसाब देना होगा जिसमें वह बताएगी कि उसने लोगों के लिए क्या किया?…शिक्षा के क्षेत्र में हम कितनी प्रगति कर पाए, रोजगार देने में हम कितने सफल रहे, जो निवेश हम लाना चाहते थे वह कितना हुआ…।’’

यह भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( एनडीए ) के केंद्र में 11 साल और उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के नौ साल पूरे होने के बाद आया है।

यादव ने केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय की कमी पर भी प्रकाश डाला तथा चल रही योजनाओं में स्पष्ट विसंगतियों का हवाला दिया।

केंद्र में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( एनडीए ) के 11 साल पूरे होने पर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश राज्य सरकार दोनों से जनता के लिए किए गए कार्यों का हिसाब मांगा और कहा कि जिन योजनाओं को लागू किया जाना था, उनसे ऐसा लगता है कि “दिल्ली और लखनऊ के बीच कोई समन्वय नहीं है,” जो क्रमशः देश की राजधानी और राज्य की राजधानी हैं।

सपा प्रमुख ने संवाददाताओं से कहा, ”जो योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं, उनसे ऐसा नहीं लगता कि दिल्ली और लखनऊ के बीच कोई समन्वय है। अगर प्रधानमंत्री कोई गांव गोद लेते हैं और उसकी तस्वीर नहीं बदलती तो यह उत्तर प्रदेश सरकार पर सवालिया निशान खड़ा करता है।”

केंद्र में भाजपा के 11 साल और उत्तर प्रदेश में भाजपा के 9 साल के शासन को जोड़ते हुए यादव ने शिक्षा, रोजगार उपलब्ध कराने और निवेश लाने के क्षेत्र में हुई प्रगति पर 20 साल से अधिक के शासन का हिसाब मांगा।

विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के बारे में बात करते हुए यादव ने कहा कि राज्य बड़े पैमाने पर बेरोजगारी और महंगाई से पीड़ित है, जबकि लोगों को न्याय नहीं मिल रहा है।
इससे पहले आज, भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने सरकार की विभिन्न उपलब्धियों पर प्रकाश डाला, जिनमें सुशासन, भारत की “राजनीतिक संस्कृति” में बदलाव और लिए गए कई साहसिक निर्णय शामिल हैं।

नड्डा ने कहा, “हम पीएम मोदी के नेतृत्व में 11 साल पूरे कर रहे हैं । 11 साल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीमित करना बहुत मुश्किल है। पीएम मोदी के नेतृत्व में किए गए काम अकल्पनीय और अद्वितीय कार्यों के कारण सुनहरे शब्दों में लिखे गए हैं। पीएम मोदी ने देश की राजनीति, राजनीतिक संस्कृति को बदल दिया है।”

नरेंद्र मोदी ने पहली बार 26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी और वर्तमान में वे लगातार तीसरे कार्यकाल में हैं। पिछले साल जून में उन्होंने तीसरी बार चुनाव जीतने के बाद 9 जून को प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी।

इस अवसर पर केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों का ब्यौरा देते हुए एक व्यापक ई-बुक भी जारी की। वर्ष 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार के 11 वर्ष पूरे हो जाएंगे।

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